तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके (TVK) के लिए सरकार बनाने का रास्ता लगभग साफ होता नजर आ रहा है। CPI, CPM और VCK ने टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने भी अपने विधायकों का समर्थन देने की बात कही है, जिससे विजय की पार्टी बहुमत के बेहद करीब पहुंच गई है।
TVK गठबंधन ने छुआ बहुमत का आंकड़ा
तमिलनाडु विधानसभा में विजय की पार्टी टीवीके के पास कुल 108 सीटें हैं। हालांकि इनमें से दो सीटों पर खुद विजय ने जीत हासिल की है। कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद यह संख्या 113 तक पहुंच गई है। वहीं CPI, CPM और VCK के कुल 6 विधायकों का समर्थन मिलने से गठबंधन का आंकड़ा 118 तक पहुंच गया है।
इसी के साथ अब यह माना जा रहा है कि तमिलनाडु में टीवीके की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। खबर है कि इन सभी दलों के नेता शाम 4:30 बजे संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकते हैं।
क्या तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री होंगे विजय?
राजनीतिक गलियारों में अब सबसे ज्यादा चर्चा विजय के मुख्यमंत्री बनने को लेकर हो रही है। सूत्रों के मुताबिक विजय ने राज्यपाल से मुलाकात के लिए शाम 4:30 बजे का समय मांगा है। हालांकि अभी तक राज्यपाल की ओर से आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में युवाओं का बड़ा समर्थन टीवीके को मिला है। तमिलनाडु में लंबे समय से DMK और AIADMK के बीच चल रही द्रविड़ राजनीति के बीच इस बार बड़ी संख्या में मतदाताओं ने तीसरे विकल्प के रूप में विजय की पार्टी को चुना।
सरकार गठन के लिए तेज हुई राजनीतिक गतिविधियां
विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद यह इस सप्ताह राज्यपाल से सरकार बनाने का दावा पेश करने को लेकर विजय की तीसरी संभावित मुलाकात मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी राजा से आग्रह किया था कि वाम दल तमिलनाडु में टीवीके के नेतृत्व में धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने में सहयोग करें।
इसी कड़ी में टीवीके नेता निर्मल कुमार ने गुरुवार (7 मई 2026) को चेन्नई में CPI के प्रदेश सचिव एम वीरपांडियन से मुलाकात की थी और सरकार गठन के लिए समर्थन मांगा था।
निर्मल कुमार ने कहा था कि टीवीके पहले ही वाम दलों, वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) से समर्थन की अपील कर चुकी है और पार्टी को पूरा विश्वास है कि वह राज्य में सरकार बनाएगी।
तमिलनाडु की राजनीति में नए दौर के संकेत
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस चुनाव परिणाम ने तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। लंबे समय बाद राज्य में किसी नए राजनीतिक दल ने इतनी मजबूती से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। अब सभी की नजरें राज्यपाल के अगले कदम और टीवीके की सरकार गठन प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।