ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्बता खामेनेई की सेहत को लेकर हाल के दिनों में कई तरह की खबरें सामने आ रही थीं, जिनमें उनकी स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे थे. अब इन सभी अटकलों पर ईरान ने आधिकारिक रूप से प्रतिक्रिया दी है और साफ कहा है कि ये खबरें पूरी तरह गलत हैं. सरकार की ओर से जारी बयान में इन अफवाहों को सिरे से खारिज किया गया है.
अयातुल्ला मोहसेन कोमी ने बताया—पूरी तरह स्वस्थ हैं खामेनेई
ईरान के सुप्रीम लीडर के कार्यालय में इंटरनेशनल अफेयर्स के डिप्टी और एक्सपर्ट्स की असेंबली के सदस्य अयातुल्ला मोहसेन कोमी ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम लीडर पूरी तरह स्वस्थ हैं और देश की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने कहा कि जो खबरें सामने आ रही हैं, वे भ्रामक हैं और उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है.
फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, अयातुल्ला मोहसेन कोमी ने इन सभी खबरों को गलत बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका इस तरह की बातें फैलाकर प्रतिक्रिया लेना चाहते हैं. उनका कहना है कि लोग बार-बार पूछ रहे हैं कि लीडर सामने क्यों नहीं आ रहे या कोई संदेश क्यों नहीं दे रहे. लेकिन यह सब जानबूझकर फैलाए गए सवाल हैं, ताकि भ्रम पैदा किया जा सके.
हमले के दौरान बाल-बाल बचे, अब भी ले रहे हैं फैसले
कोमी ने घटना का जिक्र करते हुए बताया कि जिस इमारत पर हमला हुआ था, उसमें मुज्बता खामेनेई मौजूद थे, लेकिन धमाके से कुछ मिनट पहले ही वह वहां से निकल गए थे. इस वजह से उनकी जान बच गई. उन्होंने इसे ईश्वर की इच्छा बताया. हालांकि हमले में उन्हें कुछ चोटें आई थीं, लेकिन अब उनकी स्थिति सामान्य है.
उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम लीडर अब भी देश के अहम मामलों पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरी निर्णय ले रहे हैं. बातचीत और अन्य गतिविधियों पर उनकी सीधी निगरानी है और उन्होंने संबंधित टीम को जरूरी निर्देश भी दिए हैं.
पहले भी सामने आ चुका है बयान
इससे पहले भारत में ईरान के प्रतिनिधि मोहम्मद हुसैन ज़ियानिया ने भी सुप्रीम लीडर की सेहत को लेकर स्थिति स्पष्ट की थी. उन्होंने कहा था कि उपलब्ध ताजा जानकारी के मुताबिक उनकी सेहत ठीक है.
वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 28 फरवरी को हुए एयरस्ट्राइक के बाद मुज्बता खामेनेई सार्वजनिक रूप से कम दिखाई दे रहे हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि हमले में उनके परिवार के कुछ सदस्यों की मौत हुई थी, जिसके बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. अब उनके पास केवल सीमित लोगों को ही पहुंचने की अनुमति है, जिनमें मेडिकल टीम भी शामिल है.