प्रधानमंत्री Narendra Modi के हालिया वाराणसी दौरे ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। 28-29 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे प्रधानमंत्री ने Kashi Vishwanath Temple में दर्शन-पूजन किया और इस दौरान स्थानीय विधायकों से भी मुलाकात की।
इसी मुलाकात के दौरान एक ऐसा क्षण सामने आया, जिसने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी।
डॉ. नीलकंठ तिवारी की पीठ ठोकने से बढ़ी अटकलें
मंदिर परिसर में जब प्रधानमंत्री विधायकों से बातचीत कर रहे थे, तभी उन्होंने दक्षिणी सीट से विधायक Neelkanth Tiwari की अपने अंदाज में पीठ ठोकी और हंसते हुए उनसे बातचीत की।
इस सामान्य से दिखने वाले घटनाक्रम को अब राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। काशी की राजनीति में चर्चा तेज है कि 2027 विधानसभा चुनाव के लिए इस सीट पर उनका टिकट लगभग तय माना जा रहा है।
विधायक की प्रतिक्रिया और बढ़ती चर्चाएं
हालांकि इस पूरे मामले पर डॉ. नीलकंठ तिवारी की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। उनके करीबी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय जनता के हालचाल को लेकर सामान्य बातचीत की थी।
लेकिन इसके बावजूद सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय राजनीतिक मंचों तक यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
क्यों खास है वाराणसी की दक्षिणी सीट?
वाराणसी की दक्षिणी विधानसभा सीट को जिले की सबसे चर्चित और अहम सीटों में गिना जाता है। बीते एक दशक में बीजेपी और उसके सहयोगियों ने बनारस की सभी आठ सीटों पर मजबूत प्रदर्शन किया है, लेकिन दक्षिणी सीट पर हमेशा कड़ी टक्कर देखने को मिलती रही है।
यह सीट राजनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि Kashi Vishwanath Temple समेत कई प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल इसी क्षेत्र में आते हैं।
2027 चुनाव से पहले बढ़ा सियासी तापमान
प्रधानमंत्री मोदी का यह अंदाज अब राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर टिकट को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल जरूर बढ़ा दी है।