कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘एग्जिट पोल पूरी तरह से एक रैकेट है. चुनाव आयोग पहली कभी भी इतना कॉम्प्रमाइज्ड नहीं रहा, जितना कि यह ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में है.’
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी CEC को पद से हटाने की मांग पर लगातार अडिग रहेगी। जयराम रमेश ने कहा, ‘हमने ज्ञानेश कुमार को CEC पद से हटाने के लिए नोटिस दिया, उसमें 9 आरोप लगाए हैं. जब तक उन्हें हटाया नहीं जाता है, हम नोटिस लाते रहेंगे.’
“मतदान का अधिकार खतरे में”—कांग्रेस का दावा
जयराम रमेश ने आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा कि मौजूदा हालात में लोकतंत्र और मतदान के अधिकार पर खतरा मंडरा रहा है। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना बेहद चिंताजनक है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
CEC को हटाने के लिए पहले भी दिया गया नोटिस
इससे पहले शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को भी कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। जयराम रमेश ने बताया कि राज्यसभा में विपक्ष के 73 सांसदों ने एक नोटिस देकर ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि यह नोटिस सत्यापित कदाचार के आधार पर दायर किया गया है। यह प्रस्ताव संविधान के अनुच्छेद 324(5) और अनुच्छेद 124(4) के साथ-साथ चीफ इलेक्शन कमिश्नर एंड अदर इलेक्शन कमिश्नर्स एक्ट, 2023 की धारा 11(2) और Judges (Inquiry) Act, 1968 के तहत प्रस्तुत किया गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए गंभीर आरोप
जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में कहा, ‘राज्यसभा में 73 विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रपति को संबोधित प्रस्ताव लाने के लिए यह नया नोटिस दिया है, जिसमें 15 मार्च 2026 के बाद किए गए कथित कदाचार के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की गई है.’
उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा, ‘ये आरोप न तो नकारे जा सकते हैं और न ही छिपाए जा सकते हैं. उनका पद पर बने रहना संविधान पर हमला है और यह बेहद शर्मनाक है कि वह व्यक्ति अब भी पद पर बना हुआ है और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के इशारों पर काम कर रहा है.’
एग्जिट पोल को भी किया खारिज
कांग्रेस नेता ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल पर भी सवाल उठाए और उन्हें पूरी तरह अविश्वसनीय बताया। उनके अनुसार, ये एग्जिट पोल वास्तविक जनमत को नहीं दर्शाते और इनके जरिए एक खास नैरेटिव बनाने की कोशिश की जा रही है।