ईरान जंग पर दुनिया बंटी, रूस ने बताया US-इजरायल की करीबी हार, फ्रांस-ब्रिटेन ने दी राहत की प्रतिक्रिया

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच दोनों देशों ने दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति जताई है। सैन्य कार्रवाई रोकने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद दुनिया भर के देशों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कई देशों ने सीजफायर का स्वागत किया, वहीं रूस और स्पेन ने अमेरिका की रणनीति पर तीखी टिप्पणी की।

रूस का दावा — ईरान जंग में अमेरिका-इजरायल की हार

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने इस संघर्ष को अमेरिका और इजरायल के लिए झटका बताया। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को ईरान पर बिना उकसावे के किया गया एकतरफा हमला दोनों देशों के लिए करीबी हार साबित हुआ है। स्पुतनिक रेडियो से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘हमारे देश ने शुरू से ही अपने पहले बयानों में कहा था कि इस हमले को तुरंत रोकना जरूरी है.’ उन्होंने ने ये भी कहा कि तुरंत एक राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान शुरू करना जरूरी है, जो बातचीत की प्रक्रिया पर आधारित हो और जिसमें सभी पक्षों की स्थितियों पर गंभीरता से विचार किया जाए.’

यूरोपीय देशों ने किया युद्धविराम का स्वागत

जर्मनी, फ्रांस, यूक्रेन, ब्रिटेन और स्पेन सहित कई देशों ने सीजफायर को सकारात्मक कदम बताया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में अहम पहल बताया। उन्होंने एक्स पर कहा कि यह समझौता शांति की ओर बढ़ने वाला कदम है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि लेबनान की स्थिति अभी भी बेहद गंभीर बनी हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए लेबनान को भी इस युद्धविराम प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए।

यूक्रेन की अमेरिका को सलाह

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भी कूटनीतिक प्रयासों के जरिए स्थायी समाधान निकालने की जरूरत पर जोर दिया। वहीं यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने सीजफायर और होर्मुज स्ट्रेट के खुलने का स्वागत करते हुए अमेरिका को सलाह दी कि वह इसी तरह रूस पर भी दबाव बनाए ताकि यूक्रेन के खिलाफ हमले रोके जा सकें।

स्पेन ने इजरायल की कार्रवाई पर जताई आपत्ति

स्पेन के विदेश मंत्री ने ईरान में सीजफायर का समर्थन किया, लेकिन लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई को लेकर इजरायल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति के बावजूद इजरायल द्वारा लेबनान में जमीनी अभियान जारी रखने का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। जोस मैनुअल अल्बेरेस ने पब्लिक रेडियो आरएनई से कहा, ‘सभी फ्रंट खत्म होने चाहिए और सभी फ्रंट का मतलब लेबनान भी है.’

स्पेन और ब्रिटेन की अलग प्रतिक्रिया

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने सीजफायर को अच्छी खबर बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि स्पेन दुनिया में आग लगाने वालों की तारीफ नहीं कर सकता.’ उन्होंने कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय वैधता और शांति की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने उम्मीद जताई कि यह युद्धविराम न केवल क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया के लिए राहत का क्षण साबित होगा।

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