चुनाव के बाद मेरा ही नारा चलेगा.., हिमंता की हुंकार से गरमाई असम राजनीति, ओवैसी का पलटवार

असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। जहां एक तरफ भाजपा अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आत्मविश्वास में नजर आ रही है, वहीं विपक्ष सरकार की नीतियों को मुद्दा बनाकर चुनावी माहौल बनाने में जुटा हुआ है। चुनावी सभाओं में अब बयानबाजी खुलकर राजनीतिक टकराव में बदलती दिखाई दे रही है।

कछार में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री और भाजपा उम्मीदवार हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर कटाक्ष करते हुए विपक्ष की सक्रियता पर सवाल उठाए। इसके साथ ही AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘असदुद्दीन ओवैसी जो भी नारा दे. चुनाव के बाद तो नारा प्रधानमंत्री मोदी और मेरा ही चलेगा.’

इस बयान को भाजपा के चुनावी आत्मविश्वास के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

विकास से आगे बढ़कर पहचान और जमीन की राजनीति

इस बार असम का चुनाव केवल विकास या स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रह गया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार चुनाव अब पहचान, भूमि अधिकार और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई का रूप ले चुका है। प्रवासन, अतिक्रमण और जमीन से जुड़े मुद्दों ने चुनावी बहस को और ज्यादा धार दे दी है, जिसके चलते नेताओं की भाषा भी अधिक आक्रामक होती जा रही है।

ओवैसी का पलटवार, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

हिमंता बिस्वा सरमा के बयान के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बारपेटा में आयोजित सभा के दौरान जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा, ‘हिमंत बिस्वा सरमा जो कर रहे हैं, वह असंवैधानिक है, और बदरुद्दीन अजमल की पार्टी सुप्रीम कोर्ट गई थी और वहां से आदेश भी लेकर आई. अगर वन भूमि है, तो वैकल्पिक जमीन दी जाए.’

ओवैसी ने राज्य सरकार की कार्रवाई को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय को टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने सरकार की नीतियों को ‘गैरकानूनी, असंवैधानिक और दमनकारी’ बताते हुए कहा, ‘सिर्फ एक समुदाय के खिलाफ टारगेटेड एक्शन लिया जा रहा है और हम इसकी निंदा करते हैं.’

उन्होंने यह भी दावा किया कि जनता इस बार सरकार को जवाब देगी और 9 तारीख को बड़ी संख्या में लोग एआईयूडीएफ के पक्ष में मतदान करेंगे।

कांग्रेस नेतृत्व पर भी हिमंता का हमला

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेतृत्व की चुनावी सक्रियता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी केरलम चला गया. दोनों (राहुल गांधी और प्रियंका गांधी) एक बार आए थे. दोनों 2-2 बैठक करके चले गए. उन्हें भी पता है कि वे हारने वाले हैं.’

चुनावी मैदान में शब्दों की जंग चरम पर

असम की राजनीति में तीखी बयानबाजी नई बात नहीं है, लेकिन इस बार चुनाव में आरोप-प्रत्यारोप का स्तर पहले से ज्यादा तेज दिखाई दे रहा है। भाजपा जहां अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है, वहीं विपक्ष सरकार की नीतियों को लेकर जनता के बीच मुद्दे उठाने की कोशिश कर रहा है। अब सबकी निगाहें 9 तारीख की वोटिंग पर टिकी हैं, जहां जनता तय करेगी कि किसके दावों में कितना दम है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *