उत्तर प्रदेश की सियासत में निषाद समाज को लेकर बयानबाजी तेज होती जा रही है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के एक फैसले पर यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने प्रतिक्रिया देते हुए बधाई दी, साथ ही समाज से जुड़े कई बड़े मुद्दों को भी उठाया।
रुक्मणी निषाद की नियुक्ति पर दी बधाई
गोरखपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. संजय निषाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी द्वारा फूलन देवी की बहन रुक्मणी देवी को सपा महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर वे उन्हें बधाई देते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि रुक्मणी निषाद समाज के प्रमुख मुद्दों, खासकर आरक्षण को लेकर आगे बढ़ेंगी और समुदाय के हित में काम करेंगी।
संजय निषाद ने कहा कि फूलन देवी भी कभी समाजवादी पार्टी से जुड़ी थीं, लेकिन बाद में उन्होंने अलग पार्टी बनाई थी और कुछ ही समय बाद उनकी हत्या हो गई। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए और सीबीआई जांच की मांग सबसे पहले उन्होंने ही उठाई थी।
विपक्षी दलों पर साधा निशाना
कैबिनेट मंत्री ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले की सरकारें राजनीतिक दलों को “दल” नहीं बल्कि “दलाल” समझती थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विभिन्न दलों को साथ लेकर चल रहे हैं, इसलिए आज वे सत्ता में हैं।
उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी ने सहयोगियों को सम्मान नहीं दिया, जिसकी वजह से वह सत्ता से बाहर हो गई।
‘फूलन देवी को इस्तेमाल किया गया’ — संजय निषाद
संजय निषाद ने दावा किया कि फूलन देवी ने समाज और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई थी, लेकिन उन्हें राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी हत्या की निष्पक्ष जांच होनी जरूरी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि निषाद समाज के कई नेताओं — जैसे जमुना निषाद और विशंभर — की भी हत्या हो चुकी है।
आरक्षण और समाज की जागरूकता पर बयान
आरक्षण के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकार को लागू करने में कानूनी प्रक्रिया और समय लगता है। उन्होंने दावा किया कि अब निषाद समाज पहले से ज्यादा जागरूक हो चुका है और केवल लालच देकर वोट लेने का दौर खत्म हो गया है।
संजय निषाद ने निषाद समाज के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि समुदाय ने स्वतंत्रता संग्राम में भी योगदान दिया है और अब समाज अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहा है। उन्होंने कहा, “अब बात गोली से नहीं, बोली से होगी।”