रामनगरी में LPG संकट, रामनवमी से पहले संतों की बड़ी अपील- श्रद्धालु घरों में ही मनाएं जन्मोत्सव

उत्तर प्रदेश में बढ़ती एलपीजी किल्लत का असर अब अयोध्या में भी साफ दिखाई देने लगा है। घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से आश्रमों और सार्वजनिक रसोइयों में परेशानी खड़ी हो गई है। रामनवमी के मौके पर लाखों श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना के बीच संत समाज ने चिंता जताई है।

संतों की अपील—अयोध्या न आएं श्रद्धालु

अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने श्रद्धालुओं से घरों में ही रामनवमी मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सिलेंडर की भारी कमी के कारण आश्रमों में भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

परमहंस आचार्य के अनुसार, उनके आश्रम सहित कई स्थानों पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया जाता है, लेकिन गैस आपूर्ति बाधित होने से स्थिति गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं और उन्हें भोजन उपलब्ध नहीं हो पाता, तो अव्यवस्था की स्थिति बन सकती है।

तीन महीने से नहीं मिल रहा गैस सिलेंडर

जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने बताया कि पिछले तीन महीनों से आश्रम को नियमित रूप से गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। गैस संकट के चलते भगवान के राग-भोग की सेवा भी प्रभावित हो रही है, जिसे उन्होंने आस्था से जुड़ा संवेदनशील विषय बताया।

उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले राम जन्मोत्सव पर भारी भीड़ उमड़ सकती है, लेकिन मौजूदा हालात में श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसाद की समुचित व्यवस्था करना कठिन होगा।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

स्थिति को देखते हुए संत समाज ने प्रशासन से तत्काल समाधान निकालने की मांग की है। परमहंस आचार्य ने मुख्यमंत्री से भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की है, ताकि श्रद्धालुओं के आगमन और व्यवस्थाओं को लेकर स्पष्टता बनी रहे।

बताया जा रहा है कि गैस संकट के कारण कई सार्वजनिक रसोइयों और किचनों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। जगह-जगह सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें उल्लेख है कि गैस आपूर्ति सुचारू होने के बाद ही सेवाएं दोबारा शुरू की जाएंगी।

रामनवमी पर घरों में ही मनाएं पर्व

संतों ने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस बार वे अपने-अपने घरों में ही भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाएं। उनका कहना है कि इससे व्यवस्थाओं पर दबाव कम होगा और किसी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सकेगा।

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