प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज में दीवार गिरने से 4 मजदूरों की मौत, CM योगी ने किया मुआवजे का ऐलान

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के फाफामऊ स्थित चंदापुर इलाके में आदर्श कोल्ड स्टोरेज में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। इस दुर्घटना में अब तक चार मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 12 घायल मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की गई है। जिला प्रशासन के अनुसार घायलों को 50-50 हजार रुपये और मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी घायलों का समुचित और बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए।

जर्जर बिल्डिंग बनी हादसे की वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कोल्ड स्टोरेज की इमारत काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी थी। हादसे के बाद अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे राहत और बचाव अभियान में मुश्किलें बढ़ गईं। सुरक्षा के मद्देनजर कोल्ड स्टोरेज का बिजली कनेक्शन काट दिया गया है।

मौके पर बचाव कार्य के लिए 21 से अधिक एंबुलेंस तैनात की गई हैं और आधा दर्जन से ज्यादा जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार के मुताबिक, एनडीआरएफ की एक टीम वाराणसी से बुलाकर राहत कार्य में लगाया गया है, जबकि एसडीआरएफ की टीमें पहले से मौके पर मौजूद हैं।

सपा नेता से जुड़ा बताया जा रहा कोल्ड स्टोरेज

जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने जानकारी दी कि आदर्श कोल्ड स्टोरेज सपा नेता और पूर्व विधायक अंसार अहमद का है। लापरवाही के पहलू की जांच करते हुए उनके कई करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रशासन के अनुसार हादसा दोपहर करीब 2 बजे हुआ, जब अचानक दीवार भरभराकर गिर गई।

स्थानीय लोगों में आक्रोश, बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा

हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का आरोप है कि इमारत लंबे समय से जर्जर थी, लेकिन समय रहते कोई जांच या कार्रवाई नहीं की गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मलबे में और लोग फंसे हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

अमोनिया गैस रिसाव की खबर फैलने के बाद आसपास के गांवों में भी दहशत का माहौल है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य के साथ गंभीर रूप से घायलों के इलाज पर विशेष ध्यान देने की बात कह रहा है।

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