कांशीराम को भारत रत्न की मांग पर मायावती का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोलीं- दलित चमचे चुप रहें तो बेहतर

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दोनों पार्टियों पर राजनीतिक स्वार्थ के आरोप लगाए।

भारत रत्न की मांग को बताया राजनीतिक स्वार्थ
मायावती ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही दलित वोटों के लिए कांशीराम की जयंती मनाने और उन्हें भारत रत्न देने की मांग उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी केंद्र सरकार के दौरान कांशीराम को भारत रत्न नहीं दे सकी, लेकिन अब दूसरी सरकार से इसकी मांग करना हास्यास्पद है।

बसपा को कमजोर करने का आरोप
बसपा सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि ये दल शुरू से ही बसपा को खत्म करने की कोशिश करते रहे हैं, जबकि कांशीराम द्वारा स्थापित पार्टी को उनके रहते कोई कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने जीवनकाल में कांशीराम की उपेक्षा की, वही अब उनके नाम का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं।

‘दलित चमचे’ टिप्पणी से बढ़ी सियासत
मायावती ने बिना किसी का नाम लिए कुछ दलित नेताओं को सपा और कांग्रेस का “चमचा” बताते हुए कहा कि यदि ऐसे लोग चुप रहें तो उनके लिए बेहतर होगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांशीराम ने ऐसे लोगों से दूरी बनाने के लिए ‘चमचा युग’ नामक किताब लिखी थी।

बीजेपी का नहीं किया जिक्र
दिलचस्प बात यह रही कि अपने पूरे बयान में मायावती ने भारतीय जनता पार्टी का कोई उल्लेख नहीं किया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उनके इस बयान से उत्तर प्रदेश की सियासत में चुनावी माहौल और गर्म होने की संभावना है।

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