होली के त्योहार को लेकर जहां देशभर में उत्साह का माहौल है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से शराब प्रेमियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। इस बार दिल्ली में होली के दिन शराब की दुकानें बंद नहीं रहेंगी। दिल्ली सरकार ने होली को ‘ड्राई डे’ की सूची से बाहर कर दिया है, जिसके बाद त्योहार के दिन भी शराब की बिक्री जारी रहेगी। आमतौर पर ‘ड्राई डे’ उन दिनों को कहा जाता है जब शराब की दुकानें पूरी तरह बंद रहती हैं।
जनवरी में जारी आदेश से बदली व्यवस्था
दिल्ली सरकार द्वारा जनवरी में जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, होली अब ड्राई डे की सूची में शामिल नहीं है। हालांकि इसी आदेश में गणतंत्र दिवस, महाशिवरात्रि, ईद-उल-फितर, राम नवमी और महावीर जयंती को ड्राई डे घोषित किया गया है। जानकारी के मुताबिक यह सूची जनवरी से मार्च तक की अवधि के लिए लागू की गई है।
पहले होली पर रहती थीं शराब की दुकानें बंद
पिछले कई दशकों से दिल्ली में होली के अवसर पर आमतौर पर ड्राई डे लागू रहता था। इसका उद्देश्य त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और संभावित विवादों को रोकना था। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन लाइसेंस धारकों को दुकानें बंद रखनी होंगी, उन्हें किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
हालांकि वर्ष 2022 में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार की नई शराब नीति के तहत ड्राई डे की संख्या घटाकर केवल तीन कर दी गई थी, जो इस परंपरा से अलग फैसला माना गया था।
फैसले पर सियासी बयानबाजी तेज
होली के दिन शराब की दुकानें खुली रखने के फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने सरकार पर निशाना साधते हुए एक्स पर लिखा, “अब शुरू हुआ दिल्ली में असली शराब घोटाला. दिल्ली सरकार ने शराब की दुकानों को होली के दिन भी खुली रखकर, त्यौहार के दिन, करोड़ों कमाने की खुली छूट दे दी है. ED और CBI के अधिकारियों में किसी की हिम्मत है इस घोटाले के खिलाफ एक भी सवाल पूछने की?”
इस बयान के बाद राजधानी की राजनीति में भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है।