खामेनेई की मौत पर अलीगढ़ में आक्रोश, सड़कों पर उतरा शिया समुदाय, अमेरिका-इजरायल के खिलाफ भारी प्रदर्शन

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत के बाद भारत में भी भारी गम और गुस्से की लहर है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ (Aligarh) में शिया समुदाय के हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

अलीगढ़ में मातम और नारेबाजी: प्रदर्शन की मुख्य बातें

  • रूट और भीड़: यह विशाल विरोध मार्च सिविल लाइन क्षेत्र के जोहरा बाग से शुरू होकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) सर्किल तक पहुंचा।
  • सीना-जनी और काले झंडे: प्रदर्शन के दौरान माहौल बेहद गमगीन नजर आया। हजारों लोगों ने हाथों में काले झंडे और खामेनेई की तस्वीरें लेकर सीना-जनी (मातम) की और अपना गहरा दुख व्यक्त किया।
  • अमेरिका-इजरायल का विरोध: भीड़ ने खामेनेई की हत्या के लिए अमेरिका और इजरायल की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस कृत्य की कड़ी निंदा की।

रमजान के पवित्र महीने में महिलाओं ने भी दर्ज कराया विरोध

इस भारी विरोध प्रदर्शन की एक सबसे अहम बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। पवित्र रमजान (Ramadan) का महीना होने के बावजूद, महिलाएं घरों से बाहर निकलीं और इस मार्च का हिस्सा बनीं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि अमेरिका और इजरायल की नीतियां पूरी मानवता के खिलाफ हैं। उनका कहना था कि खामेनेई जैसे बड़े धार्मिक और राजनीतिक रहबर (नेता) को खोना पूरे शिया जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

ईरान में 40 दिन का मातम, अलीगढ़ ने दिखाई एकजुटता

आपको बता दें कि इजरायल-अमेरिका के हवाई हमले में खामेनेई की मौत के बाद ईरान सरकार ने देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक (National Mourning) और 7 दिनों के सार्वजनिक अवकाश का ऐलान किया है। अलीगढ़ के प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि दुख की इस घड़ी में वे पूरी तरह से ईरान के साथ एकजुट होकर खड़े हैं।

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