ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद यूपी की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। आज बुधवार (25 फरवरी 2026) को जहां एक तरफ कांग्रेस ने इस मुद्दे पर बड़े धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है, वहीं अब गाजीपुर सदर से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक जय किशन साहू ने शंकराचार्य के बचाव में खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने न सिर्फ इन आरोपों को ‘100% गलत’ बताया, बल्कि यूपी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल’ योजना में भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर नया सियासी मोर्चा खोल दिया है।
’24 घंटे कैमरे और भीड़ के बीच ऐसा घृणित कार्य कैसे संभव?’
सपा विधायक ने केस दर्ज कराने वाले व्यक्ति (आशुतोष ब्रह्मचारी) को ‘हिस्ट्रीशीटर’ बताते हुए इस पूरी कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कड़ा तर्क देते हुए कहा, “जिस संत को आम जनमानस भगवान का दर्जा देता है, उस पर ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाना बेहद शर्मनाक है। जब शंकराचार्य माघ मेले में स्नान करने गए और विवाद के बाद तीन-चार दिन तक खुले में विरोध प्रदर्शन करते रहे, तब वहां 24 घंटे मीडिया, सीसीटीवी कैमरे और हजारों लोगों की भीड़ मौजूद थी। ऐसी परिस्थितियों में भला कोई ऐसा घृणित कार्य कैसे कर सकता है? आज के समय में जेल तो किसी को भी भेजा जा सकता है, लेकिन स्वामी जी पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से फर्जी हैं।”
‘हर घर जल योजना बनी भ्रष्टाचार की भेंट, नई सड़कें कर दीं बर्बाद’
शंकराचार्य विवाद के साथ-साथ विधायक साहू ने जल जीवन मिशन (‘हर घर जल’ योजना) के क्रियान्वयन की भी पोल खोली। उन्होंने कहा कि योजना की मंशा भले ही अच्छी हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है:
- घटिया निर्माण: मुख्य (बाहरी) ठेकेदारों ने कमीशन के चक्कर में पेटी ठेकेदारों (Sub-contractors) को बहुत कम दरों पर काम सौंप दिया है। नतीजतन, मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही है और बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- सड़कें खुदीं, पाइप फटे: विधायक ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन बिछाने के नाम पर ग्राम प्रधानों, विधायकों और सांसदों द्वारा बनवाई गई नई-नवेली सड़कें बेतरतीब ढंग से खोदकर बर्बाद कर दी गई हैं। कई जगह तो कागजों में काम पूरा होने के बाद जब पानी सप्लाई शुरू की गई, तो घटिया पाइप जगह-जगह से फटने लगे।
सपा विधायक ने सरकार से सख्त मांग की है कि इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदारों पर कड़ा एक्शन लिया जाए, ताकि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी प्यासी बैठी जनता को इसका असली फायदा मिल सके।