नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 9वें बजट भाषण (Union Budget 2026) में पूर्वी भारत, खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचे वाली सौगात दी है. वित्त मंत्री ने एलान किया है कि पवित्र नगरी वाराणसी और बिहार की राजधानी पटना में अंतर्देशीय जलमार्गों (Inland Waterways) के लिए एक ‘शिप रिपेयर इकोसिस्टम’ (जहाज मरम्मत केंद्र) स्थापित किया जाएगा.
वाराणसी-पटना बनेंगे वाटरवे हब, रोजगार के खुलेंगे दरवाजे
सरकार के इस कदम का उद्देश्य गंगा नदी के रास्ते माल ढुलाई और परिवहन को सुगम बनाना है. वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत की सुविधाएं विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे.
- क्या होगा फायदा: अब तक अंतर्देशीय जहाजों को मरम्मत के लिए दूर जाना पड़ता था, अब यह सुविधा इन दो प्रमुख शहरों में उपलब्ध होगी. इससे लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी और स्थानीय युवाओं को टेक्निकल और लेबर वर्क में नौकरियां मिलेंगी.
डंकुनी से सूरत तक नया कॉरिडोर और 20 नए जलमार्ग
इंफ्रास्ट्रक्चर को बूस्ट देने के लिए वित्त मंत्री ने कई और बड़े ऐलान किए:
- डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर: पूर्व में डंकुनी (पश्चिम बंगाल) को पश्चिम में सूरत (गुजरात) से जोड़ने के लिए एक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा.
- 20 नए जलमार्ग: अगले 5 सालों में देश में 20 नए जलमार्ग चालू किए जाएंगे.
- ओडिशा पर फोकस: इसकी शुरुआत ओडिशा में ‘नेशनल वॉटरवे 5’ से होगी, जो तालचेर और अंगुल के खनिज-समृद्ध इलाकों को पारादीप और धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा.
MSME और खादी के लिए खुला खजाना
निर्मला सीतारमण ने छोटे उद्योगों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी कई घोषणाएं कीं:
- MSME ग्रोथ फंड: भविष्य के बिजनेस चैंपियन तैयार करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ‘MSME ग्रोथ फंड’ बनाया जाएगा.
- महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल: खादी और हथकरघा (Handloom) उद्योग को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए एक नई योजना ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल’ शुरू की जाएगी.
- मेगा टेक्सटाइल पार्क: कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए चुनौती मोड में ‘मेगा टेक्सटाइल पार्क’ स्थापित किए जाएंगे.
12.2 लाख करोड़ का खर्च, 12 साल की स्थिरता
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने अपनी सरकार के 12 साल के कार्यकाल (2014-2026) का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया. उन्होंने कहा, “जब से हमने 12 साल पहले सत्ता संभाली है, देश की आर्थिक स्थिति स्थिरता, वित्तीय अनुशासन और कम महंगाई से पहचानी गई है.” विकास की रफ्तार को बनाए रखने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है.