लखनऊ/प्रयागराज: प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच चल रही तनातनी अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुकी है. इस विवाद में अब समाजवादी पार्टी (SP) ने खुलकर शंकराचार्य का समर्थन किया है. सपा नेता और पूर्व सांसद एस.टी. हसन ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह से शंकराचार्य के साथ खड़ी है और वे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करते हैं.
‘आस्था का मामला है, हम शंकराचार्य के साथ हैं’
एस.टी. हसन ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि यह मुद्दा सीधे तौर पर आस्था से जुड़ा है. उन्होंने कहा, “हम शंकराचार्य के साथ हैं, और हमारी पार्टी उनका पूरा समर्थन कर रही है. यह आस्था का मामला है, और हम अपने हिंदू भाइयों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हैं.” सपा नेता का यह बयान ऐसे समय आया है जब शंकराचार्य प्रशासन के रवैये से नाराज हैं और विपक्ष इसे सरकार की विफलता बता रहा है.
बीफ एक्सपोर्ट पर सरकार को घेरा, कहा- ‘हिम्मत है तो रोकिए’
गो-रक्षा के मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेरते हुए हसन ने तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि गाय की सुरक्षा के लिए सख्त कानून तो अखिलेश यादव की सरकार में भी थे और तब भी सजा दी जाती थी. लेकिन मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “बीफ और मांस एक्सपोर्ट के मामले में भारत दुनिया के टॉप देशों में से एक है. अगर गाय की सुरक्षा इतना गंभीर मुद्दा है, तो इन एक्सपोर्ट को भी रोका जाना चाहिए.” उन्होंने कहा कि कानूनों का पालन सख्ती से होना चाहिए, सिर्फ राजनीति के लिए नहीं.
’21वीं सदी में बच्चों पर दबाव ठीक नहीं’
सामाजिक मुद्दों और युवाओं की आजादी पर भी एसटी हसन ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि आज के दौर में रूढ़िवादी सोच थोपना गलत है. हसन ने कहा, “अब देश को यह समझने की जरूरत है कि 21वीं सदी में किसी भी युवा लड़की को दबाव में अपना रास्ता चुनने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए. इससे कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि वह हिंदू है या मुस्लिम. जब बच्चों पर समाज या सख्त रूढ़िवादी समूहों का दबाव होता है, तो वे अक्सर फंसा हुआ और लाचार महसूस करते हैं.”