धामी सरकार का मास्टरस्ट्रोक: जमीन अधिग्रहण के नियम बदले, चीन सीमा पर सेना को मिली बड़ी ताकत, देखें 8 बड़े फैसले

देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और सुरक्षा से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं. देहरादून सचिवालय के विश्वकर्मा भवन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 8 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई. बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल और सतपाल महाराज प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे, जबकि मंत्री सौरभ बहुगुणा और रेखा आर्य ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. सरकार ने स्वास्थ्य, राजस्व, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलावों को हरी झंडी दी है.

सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब ‘आपसी सहमति’ से होगा ट्रांसफर

कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है. चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य शिक्षा विभाग के तहत अब तबादलों की राह आसान हो गई है. नए फैसले के मुताबिक, ऐसे पर्यवेक्षक और कार्यकर्ता जिन्होंने अपनी 5 साल की सेवा पूरी कर ली है, वे अब ‘आपसी सहमति’ (Mutual Transfer) के आधार पर एक जिले से दूसरे जिले में अपना स्थानांतरण करा सकेंगे. इसका सीधा मतलब है कि अगर कोई कर्मचारी किसी दूसरे जिले में जाना चाहता है, तो वह वहां तैनात किसी अन्य कर्मचारी के साथ सहमति बनाकर एक-दूसरे की जगह बदल सकता है.

जमीन अधिग्रहण हुआ आसान, भू-जल दोहन पर कड़े नियम

राजस्व विभाग के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए धामी कैबिनेट ने आपसी समझौते से भूमि अर्जन की नई व्यवस्था लागू कर दी है. इससे जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में आने वाली जटिलताएं खत्म होंगी और काम में तेजी आएगी. वहीं, पानी की बर्बादी रोकने के लिए भू-जल दोहन नियमावली को भी मंजूरी दी गई है. अब कमर्शियल (व्यावसायिक) उपयोग के लिए दरें तय कर दी गई हैं और इसके लिए 5 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस चुकानी होगी.

चीन सीमा पर सुरक्षा होगी चाक-चौबंद, सेना को मिलीं दो हवाई पट्टियां

राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लिया है. चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टियों को अब रक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित किया जाएगा. चूंकि ये इलाके बॉर्डर सिक्योरिटी के लिहाज से बेहद अहम हैं, इसलिए अब सेना इन हवाई पट्टियों का इस्तेमाल रक्षा उद्देश्यों के लिए कर सकेगी. इससे सीमा पर रसद और सैनिकों की आवाजाही आसान होगी.

ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी और सिडकुल को मिली मंजूरी

ऊर्जा के क्षेत्र में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ‘ग्रीन हाइड्रोजन नीति’ को मंजूरी दे दी गई है. इस प्रोजेक्ट में सब्सिडी तय करने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाएगा. इसके अलावा, उधमसिंह नगर में पराग फर्म की जो जमीन सिडकुल (SIDCUL) को दी गई थी, अब सिडकुल उसे सब-लीज (Sub-Lease) पर दे सकेगा. साथ ही, जनजातीय कल्याण विभाग में पदों के सृजन और जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय को भी कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है.

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