गुजरात में बड़ा उलटफेर! कांग्रेस को पछाड़कर नंबर 2 बनी AAP, सर्वे के आंकड़ों ने उड़ाये सबके होश

गुजरात की राजनीति में पिछले तीन दशकों से चला आ रहा समीकरण अब पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। जिस राज्य में लंबे समय से बीजेपी का एकछत्र राज और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल थी, वहां अब आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक लंबी छलांग लगाई है। WeePreside और CIF द्वारा किए गए “Pulse of Gujarat 2026” सर्वे ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। इस सर्वे के मुताबिक, गुजरात में मुकाबला अब बीजेपी बनाम कांग्रेस नहीं, बल्कि बीजेपी बनाम आम आदमी पार्टी की तरफ बढ़ता दिख रहा है, क्योंकि ‘आप’ ने कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए राज्य की दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनने का गौरव हासिल कर लिया है।

कांग्रेस का ग्राफ गिरा, AAP ने दोगुनी की ताकत

सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में भारी सेंधमारी हुई है। जहां बीजेपी 49.5 प्रतिशत वोट शेयर के साथ अभी भी शीर्ष पर बनी हुई है, वहीं दूसरे नंबर की लड़ाई में बड़ा बदलाव हुआ है। सर्वे के अनुसार, आम आदमी पार्टी का वोट शेयर बढ़कर 24.8 प्रतिशत हो गया है, जबकि कांग्रेस सिमटकर महज 17.3 प्रतिशत पर आ गई है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 27 प्रतिशत वोट मिले थे, जो अब गिरकर काफी कम हो गए हैं। वहीं, ‘आप’ ने 2022 के अपने 13 प्रतिशत वोट शेयर को लगभग दोगुना कर लिया है। यह स्पष्ट संकेत है कि जनता अब कांग्रेस की जगह केजरीवाल की पार्टी को एक मजबूत विकल्प मान रही है।

सौराष्ट्र और शहरों में AAP का दबदबा

आंकड़ों की गहराई में जाएं तो पता चलता है कि क्षेत्रीय स्तर पर भी हवा का रुख बदल रहा है। सौराष्ट्र और कच्छ जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में, जहां बीजेपी को नुकसान की आशंका है, वहां आम आदमी पार्टी तेजी से अपनी जड़ें जमा रही है। इसके अलावा, शहरी और मेट्रो शहरों में तो ‘आप’ ने कांग्रेस को काफी पीछे छोड़ दिया है और बीजेपी को सीधी टक्कर दे रही है। हालांकि, उत्तर और मध्य गुजरात में बीजेपी अभी भी मजबूत स्थिति में है, लेकिन शहरी मतदाताओं का रुझान स्पष्ट रूप से बदल रहा है।

केजरीवाल ने भरी हुंकार- ‘जनता के मन से डर निकल चुका है’

अहमदाबाद में आयोजित पार्टी के एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में इस बढ़ते ग्राफ का असर साफ देखने को मिला। इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में कहा, “अब गुजरात की जनता के मन से डर निकल चुका है. 2027 में गुजरात में सत्ता बदलने वाली है और आम आदमी पार्टी सत्ता परिवर्तन करेगी. अगर और लोगों को जेल में डाला गया तो उससे डरने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि यह लड़ाई अन्याय के खिलाफ़ है और जनता इसका जवाब देगी.”

2027 चुनाव की नई बिसात

मौजूदा सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद बेरोजगारी, महंगाई और कैबिनेट के इस्तीफों जैसे मुद्दों को लेकर जनता के मूड में बदलाव महसूस किया जा रहा है। सर्वे के नतीजे यह साफ इशारा कर रहे हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव की जंग अब पुरानी नहीं रहेगी। बीजेपी के लिए अब चुनौती कमजोर होती कांग्रेस नहीं, बल्कि तेजी से उभरती आम आदमी पार्टी है, जो गुजरात की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रही है।

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