अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी पीठ थपथपाते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच शांति व्यवस्था को लेकर बड़ा दावा किया है। फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच संभावित युद्ध को टालने में अहम भूमिका निभाई। ट्रंप ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का हवाला देते हुए कहा कि उनके हस्तक्षेप की वजह से लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की जान बची है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब वे अपनी वैश्विक कूटनीतिक उपलब्धियों को गिना रहे थे।
‘शहबाज शरीफ ने कहा- आपने 1 करोड़ जान बचाई’
फ्लोरिडा में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि शहबाज शरीफ ने उन्हें दोनों देशों के बीच संघर्ष रोकने का पूरा श्रेय दिया है।
ट्रंप ने कहा, “पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाकर कम से कम एक करोड़ लोगों की जान बचाई.”
ट्रंप ने इसे अपने लिए एक बड़े सम्मान की बात बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने परमाणु हथियारों से लैस भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में मदद की, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है।
एक साल में 8 शांति समझौतों का दावा
अपनी कूटनीतिक सफलताओं का बखान करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके प्रशासन ने एक साल से भी कम समय में आठ शांति समझौते कराए हैं। उन्होंने दावा किया कि गाजा में युद्ध समाप्त कराया गया और पश्चिम एशिया में शांति कायम हुई, जिसे पहले असंभव माना जा रहा था। ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता के दावे को लेकर काफी मुखर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल 10 मई से अब तक वह करीब 80 बार यह दोहरा चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव रुकवाया है।
भारत का रुख हमेशा रहा है साफ
गौरतलब है कि ट्रंप ने पहली बार 10 मार्च को सोशल मीडिया पर दावा किया था कि अमेरिकी मध्यस्थता के बाद भारत और पाकिस्तान संघर्ष रोकने पर सहमत हुए हैं। हालांकि, भारत सरकार का रुख इस मामले पर हमेशा स्पष्ट और सख्त रहा है। भारत लगातार यह कहता आया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी द्विपक्षीय मुद्दे पर किसी तीसरे देश की मध्यस्थता या हस्तक्षेप स्वीकार नहीं है। भारत ने ट्रंप के ऐसे दावों को पहले भी खारिज किया है।