लखनऊ/मेरठ: मेरठ के सरधना में एक दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण की घटना ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने इस घटना को लेकर योगी सरकार पर करारा प्रहार किया है, वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
शिवपाल यादव का आरोप: ‘चरमरा गई है व्यवस्था’
सपा नेता शिवपाल यादव ने सरकार को घेरते हुए कहा:
- झूठे वादे: सरकार महिला सुरक्षा के नाम पर सिर्फ बड़े-बड़े दावे और झूठे वादे करती है।
- पुलिस की कार्यशैली: उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “पुलिस सिर्फ आरोपियों के पैर में गोली मारकर अपनी पीठ थपथपा रही है, जबकि हकीकत यह है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।”
मायावती बोलीं- ‘शर्मनाक और अति-दुखद’
बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दलित मां की हत्या और बेटी का अपहरण ‘अति-दुखद और शर्मनाक’ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई हो कि अपराधी ऐसे घृणित कार्य करने से डरें।
क्या है पूरा मामला? (सरधना का खौफनाक मंजर)
घटना 8 जनवरी की सुबह सरधना के कपसाड़ गांव की है:
- वारदात: एक दलित महिला अपनी 20 साल की बेटी के साथ खेत में गन्ने की छिलाई के लिए जा रही थी।
- हमला: गांव के ही एक युवक पारस ने उन्हें रोका और अभद्रता की। जब मां ने विरोध किया, तो आरोपी ने धारदार हथियार से उसके सिर पर वार कर दिया।
- अपहरण: मां को लहुलुहान हालत में वहीं छोड़कर आरोपी बेटी को जबरन उठा ले गया।
- मौत: घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौके पर तनाव
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश है। स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं।