ओडिशा के जंगलों में बिछ गईं 4 लाशें, 1.1 करोड़ का इनामी माओवादी गणेश ढेर, अमित शाह ने की बड़ी भविष्यवाणी

भुवनेश्वर: ओडिशा में सुरक्षाबलों ने माओवादियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक को अंजाम दिया है। 25 दिसंबर 2025 (क्रिसमस) का दिन नक्सलियों के लिए काल बनकर आया, जब एक भीषण मुठभेड़ में शीर्ष माओवादी कमांडर और सेंट्रल कमेटी के सदस्य गणेश उइके को मार गिराया गया। 69 वर्षीय गणेश उइके पर सरकार ने 1.1 करोड़ रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित कर रखा था। इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने गणेश के अलावा तीन अन्य नक्सलियों को भी ढेर किया है, जिनमें दो महिला कैडर भी शामिल हैं।

तीन सेनाओं ने मिलकर घेरा जंगल, बरसाईं गोलियां

स्पेशल इंटेलिजेंस विंग से मिली सटीक खुफिया जानकारी के बाद ओडिशा पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सीआरपीएफ और बीएसएफ ने एक संयुक्त अभियान शुरू किया था। जवानों को सूचना मिली थी कि नक्सली कंधमाल और गंजम जिले की सीमा पर छिपे हुए हैं। जैसे ही सुरक्षाबल जंगल में पहुंचे, नक्सलियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया और चार नक्सलियों को मौके पर ही ढेर कर दिया। घटना स्थल से सर्च ऑपरेशन के दौरान दो INSAS राइफल और एक .303 राइफल बरामद की गई है।

उड़ीसा पुलिस के नक्सल ऑपरेशन के डीआईजी अखिलेश्वर सिंह ने ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा, “उड़ीसा की स्पेशल फोर्स SOG, CRPF और BSF की संयुक्त टीमों ने ऑपरेशन को अंजाम दिया. उड़ीसा के कंधमाल जिले और गंजम जिले की बॉर्डर पर स्थित राम्पा के जंगल में गणेश उईके का एनकाउंटर हुआ है.”

अमित शाह बोले- 2026 तक जड़ से खत्म कर देंगे नक्सलवाद

इस बड़ी कामयाबी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संतोष व्यक्त किया है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने वामपंथी उग्रवाद के खात्मे की डेडलाइन को दोहराते हुए लिखा, “गणेश उइके की मौत के साथ ओडिशा नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर है. हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म कर देंगे.”

7 राज्यों की पुलिस को थी जिसकी तलाश

मारा गया माओवादी कमांडर गणेश उइके संगठन की रीढ़ माना जाता था। वह ओडिशा और छत्तीसगढ़ के इलाकों में बेहद सक्रिय था और उसे ओडिशा राज्य में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह साउथ सब जोनल का इंचार्ज था और देश के करीब 7 राज्यों की पुलिस उसे तलाश रही थी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गणेश उइके का मारा जाना माओवादी गतिविधियों के लिए एक ऐसा झटका है, जिससे उबरना उनके लिए मुश्किल होगा। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि बचे हुए साथियों को पकड़ा जा सके।

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