तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पालतू और आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने सख्त कदम उठाए हैं। अब पालतू कुत्तों के मालिकों को अनिवार्य रूप से तीन नियमों का पालन करना होगा: लाइसेंस, रेबीज टीकाकरण, और माइक्रोचिप लगवाना।
चेन्नई नगर निगम ने चेतावनी दी है कि इन नियमों का पालन न करने वाले पालतू कुत्तों के मालिकों पर ₹5,000 का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
चेन्नई में पालतू कुत्तों की स्थिति
चेन्नई नगर निगम क्षेत्र में स्कूल जाने वाले बच्चों और सुबह-शाम टहलने वालों को आवारा और आक्रामक नस्ल के कुत्तों से होने वाली दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए नगर निगम परिषद की बैठक में यह कड़ा प्रस्ताव पारित किया गया था।
- लाइसेंसधारी कुत्ते: विशेष शिविरों के जरिए अब तक 57,602 पालतू कुत्तों को लाइसेंस दिया जा चुका है।
- बिना लाइसेंस वाले: नगर निगम के पशु चिकित्सा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अभी भी 98,023 पालतू कुत्ते बिना लाइसेंस के हैं।
- आवारा कुत्ते: 2024 की जनगणना के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र में करीब 1.80 लाख आवारा कुत्ते हैं।
आज से घर-घर जांच और जुर्माना
नगर निगम ने पालतू कुत्तों के लाइसेंस की समय सीमा चार बार बढ़ाई थी, लेकिन अब यह समय सीमा समाप्त हो चुकी है।
- जांच शुरू: नगर निगम ने आज से जोनवार घर-घर जांच शुरू करने का फैसला किया है।
- विशेष टीम: हर जोन में एक विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें एक पशु चिकित्सा डॉक्टर समेत तीन सदस्य शामिल हैं।
- जुर्माना: यह टीम बिना लाइसेंस वाले पालतू कुत्तों की पहचान करेगी और नियम तोड़ने वालों पर ₹5,000 का जुर्माना लगाएगी।
नगर निगम का कहना है कि यह कदम शहर में व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।