दिल्ली-NCR में प्रदूषण की गंभीर समस्या को देखते हुए एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) ने एक बड़ा फैसला लिया है। CAQM ने दिल्ली और NCR की सभी राज्य सरकारों को आउटडोर फिजिकल स्पोर्ट्स एक्टिविटीज को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया है। कमीशन ने चेतावनी दी है कि खराब हवा की क्वालिटी के बीच ऐसे इवेंट्स जारी रखने से बच्चों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है।
CAQM की ओर से शनिवार (13 दिसंबर) को दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा गया है।
CAQM के मुख्य निर्देश
- तत्काल बंद करने का आदेश: सभी स्कूलों, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस, स्पोर्ट्स बॉडीज और लोकल अथॉरिटीज को आउटडोर फिजिकल स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ बंद करने के लिए ज़रूरी निर्देश तुरंत जारी किए जाएं।
- हेल्थ रिस्क पर जागरूकता: स्कूलों और पेरेंट्स को इसमें शामिल हेल्थ रिस्क के बारे में जागरूक किया जाए।
- निगरानी और कार्रवाई: अथॉरिटीज को फील्ड लेवल पर पालन की बारीकी से निगरानी करने और किसी भी उल्लंघन के मामले में उचित कार्रवाई करने को कहा गया है।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला: CAQM ने चिंता जताई कि 19 नवंबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद कुछ स्कूल अभी भी आउटडोर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज करवा रहे हैं, जो कमीशन के निर्देशों के मकसद के खिलाफ है।
GRAP स्टेज IV के तहत अन्य कड़े प्रतिबंध
शनिवार को प्रदूषण के लेवल में तेजी से बढ़ोतरी के बाद CAQM ने अपने एयर पॉल्यूशन कंट्रोल प्लान, GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के तहत सबसे सख्त स्टेज IV के कदम उठाए हैं:
- कंस्ट्रक्शन पर बैन: सभी कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन (तोड़फोड़) की गतिविधियों पर बैन लगा दिया गया है। इसमें पब्लिक प्रोजेक्ट्स (हाईवे, फ्लाईओवर, पावर ट्रांसमिशन लाइनें आदि) भी शामिल हैं।
- ट्रकों की एंट्री: दिल्ली में ट्रकों की एंट्री रोक दी गई है, सिवाय ज़रूरी सामान या ज़रूरी सेवाएं दे रहे CNG, LNG, इलेक्ट्रिक और BS-VI डीज़ल ट्रकों के।
- डीजल वाहनों पर बैन: दिल्ली में रजिस्टर्ड डीजल भारी मालवाहक वाहनों (BS-IV और उससे नीचे) के चलने पर भी बैन है।
- स्कूलों में हाइब्रिड मोड: दिल्ली और सबसे ज़्यादा प्रभावित NCR ज़िलों में स्कूलों को हायर क्लास (VI से IX और XI) के लिए भी हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और फ़िज़िकल) में क्लास चलाने को कहा गया है, जिसमें स्टूडेंट्स को ऑनलाइन क्लास अटेंड करने का ऑप्शन दिया गया है।
स्टेज IV के तहत, राज्य सरकारों से कहा गया है कि प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ने पर वे कॉलेज बंद करने, गैर-ज़रूरी कमर्शियल एक्टिविटीज रोकने और ऑड-ईवन नियम लागू करने जैसे अतिरिक्त इमरजेंसी कदम उठाने पर विचार करें।