बिहार पुलिस मुख्यालय में बुधवार (10 दिसंबर, 2025) को उपमुख्यमंत्री सह गृह विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने 48 नवनियुक्त स्टेनोग्राफर पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में नियुक्ति की प्रक्रिया को पारदर्शी किया गया है और राज्य में सुशासन को और बेहतर करने की जरूरत है।
‘2005 से नियुक्ति की प्रक्रिया क्रिस्टल क्लियर’
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि, “आमतौर पर यह धारणा रही है कि पुलिस विभाग में स्टेनोग्राफर जैसे पदों पर नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर की जाती है, लेकिन आज देखकर संतोष होता है कि योग्य और पढ़े-लिखे युवाओं की सीधी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से अवसर दिया जा रहा है।” उन्होंने साफ कहा कि 2005 से नियुक्ति की प्रक्रिया क्रिस्टल क्लियर है।
अवैध ‘गुंडा बैंक’ पर होगी कार्रवाई
गृह विभाग संभालने के बाद से लगातार व्यवस्था को बेहतर करने पर ध्यान दे रहे सम्राट चौधरी ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि, कई जगहों पर ‘गुंडा बैंक’ चलता है, जहाँ सूद पर पैसे दिए जाते हैं।
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि, “सारे अवैध बैंकों को बंद किया जाएगा।” इसके अलावा, उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट को भी आगे बढ़ाना है और “कोई भी माफिया हो उसको छोड़ा नहीं जा सकता है।”
सुशासन और व्यवस्था पर ज़ोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार जैसे राज्य में सुशासन को और बेहतर करने की जरूरत है ताकि आम लोगों को कानून की व्यवस्था मिल सके। उन्होंने व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का भी जिक्र किया:
- कैमरे: पूरे बिहार की जेलों में 10 हजार कैमरे लगाए गए हैं।
- सुरक्षा: गांव और शहर में एंट्री एवं एग्जिट पॉइंट पर कैमरे लगाए जाएं।
उन्होंने नव नियुक्तों से आग्रह किया कि वे विभाग की गोपनीयता बनाए रखें और यह सुनिश्चित करें कि हर थाने में जनता दरबार लगे, ताकि लोगों को न्याय के लिए कहीं और न जाना पड़े।