अनिरुद्ध आचार्य पर केस दर्ज करने का आदेश, याचिकाकर्ता बोलीं- मैंने संकल्प लिया था कि मुकदमा दर्ज करवाकर ही रहूंगी

प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ आगरा की मीरा राठौर ने सीजेएम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर आज मथुरा कोर्ट ने उनके खिलाफ परिवाद दाखिल करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने धारा 173(4) CrPC के तहत परिवाद दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले में 1 जनवरी 2026 को मीरा राठौर के बयान दर्ज होंगे।

मीरा राठौर ने कोर्ट के फैसले पर संतुष्टि जताते हुए मीडिया से बात की और कहा कि अनिरुद्ध आचार्य अक्सर महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करते हैं। उन्होंने बताया कि पहले थाने में तहरीर दी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई थी, जिसके बाद वे कोर्ट पहुंची थीं।

क्या था विवादित बयान?

याचिकाकर्ता मीरा राठौर के अनुसार, अनिरुद्ध आचार्य ने अपनी कथा के दौरान विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था:

“25 साल की उम्र में जब लड़की ब्याह कर आती है, तब तक वह चार जगह मुंह मार चुकी होती है” और “24 साल की लड़कियां चार जगह मुंह मारकर आती हैं।”

‘अब कथावाचकों पर लगेगा अंकुश’

मीरा राठौर ने इस दौरान अपने संकल्प को याद करते हुए कहा, “अनिरुद्ध आचार्य बार-बार महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं। मैंने कोर्ट में संकल्प लिया था कि जब तक इन पर सीधा मुकदमा दर्ज नहीं होगा, मैं यह केस वापस नहीं लूंगी। ये कहते हैं कि लड़कियां चार जगह मुंह मारकर आती हैं। मैं पूछती हूं- कौन सी महिला ऐसा करती है?”

प्रेस वार्ता में मौजूद साध्वी दिव्या भारद्वाज ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “कोर्ट ने हमारी याचिका स्वीकार कर ली है। अनिरुद्ध आचार्य हमेशा महिलाओं के खिलाफ विवादास्पद बातें करते हैं। इस फैसले से सभी कथावाचकों और लोगों को सबक मिलेगा कि अपनी मां-बहनों के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग न करें।”

वादी पक्ष के वकील मनीष कुमार गुप्ता ने बताया कि पहले पुलिस ने कोई राहत नहीं दी थी, इसलिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था। अब कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है और मामले की आगे सुनवाई होगी।

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