बांग्लादेश की अदालत ने जमीन घोटाला मामले में शेख हसीना को 5 साल की सजा सुनाई, भतीजी ट्यूलिप सिद्दीक को भी 2 साल की जेल

बांग्लादेश की एक अदालत ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को जमीन घोटाला मामले में सोमवार को 5 साल की जेल की सजा सुनाई है। इसी मामले में उनकी भांजी और ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप सिद्दीक को 2 साल जेल की सजा सुनाई गई है। सरकारी बीएसएस समाचार एजेंसी की खबर के अनुसार, ढाका के विशेष न्यायाधीश की अदालत-4 के न्यायाधीश मोहम्मद रबीउल आलम ने हसीना की बहन शेख रेहाना को भी 7 साल जेल की सजा सुनाई।

मामले का विवरण और सजा

  • दोषी: भ्रष्टाचार के इस मामले में शेख हसीना, शेख रेहाना और ट्यूलिप सिद्दीक समेत 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
  • सजा: हसीना, रेहाना और सिद्दीक समेत सभी 17 दोषियों में से प्रत्येक को ₹1 लाख टके का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे नहीं भरने पर उन्हें छह महीने की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी।
  • फैसला: कोर्ट ने तीनों की गैरमौजूदगी में खचाखच भरे अदालत कक्ष में यह फैसला सुनाया।

‘द डेली स्टार’ अखबार के अनुसार, भ्रष्टाचार रोधी आयोग (एसीसी) द्वारा दायर किए गए मामलों में 78 वर्षीय हसीना से जुड़ा यह चौथा फैसला है। उन्हें 27 नवंबर को पहले ही 21 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी, जिसमें पूर्बाचल जमीन घोटाला मामले में दायर किए गए तीन मामलों में से प्रत्येक में सात साल की सजा शामिल थी।

ट्यूलिप सिद्दीक का मामला और भारत कनेक्शन

  • परिचय: ब्रिटेन की बांग्लादेश मूल की लेबर पार्टी की नेता ट्यूलिप सिद्दीक, शेख रेहाना की बेटी हैं और 2015 से हैम्पस्टेड और हाईगेट से सांसद हैं।
  • आरोप: उन्हें अपनी मौसी हसीना को प्रभावित करके ढाका के बाहरी क्षेत्रों में अपनी मां, भाई और बहन के नाम पर जमीन लेने का दोषी पाया गया।
  • गिरफ्तारी वारंट: अंतरिम सरकार ने अप्रैल में हसीना के प्रधानमंत्री रहने के दौरान हुए भ्रष्टाचार की जांच के तहत 43 साल की सिद्दीक के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

प्रत्यर्पण स्थिति: ‘बीबीसी’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्दीक लंदन में रहती हैं। ब्रिटेन की बांग्लादेश के साथ कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं है, इसलिए प्रत्यर्पण के लिए स्पष्ट सबूत पेश करने होंगे।

विरोध प्रदर्शनों और अन्य आरोपों के चलते सत्ता से बाहर

  • वर्तमान स्थिति: पिछले साल पांच अगस्त को बांग्लादेश में हुए व्यापक प्रदर्शन के बाद से हसीना भारत में रह रही हैं।
  • मौत की सजा: उन्हें उनकी सरकार द्वारा पिछले साल छात्रों के प्रदर्शनों पर की गई क्रूर कार्रवाई के लिए ‘मानवता के खिलाफ अपराधों’ के आरोप में पिछले महीने एक विशेष न्यायाधिकरण ने उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा भी सुनाई थी।
  • हसीना का पक्ष: अपदस्थ प्रधानमंत्री का कहना है कि उनके खिलाफ लगे आरोप “पक्षपात से पूर्ण और राजनीति से प्रेरित” हैं।

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