संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत सोमवार (1 दिसंबर, 2025) से हो चुकी है। इस सत्र के दौरान केंद्र सरकार 14 नए बिल संसद के पटल पर रखने वाली है, जिन्हें पूर्ण बहुमत के साथ पारित करवाने पर केंद्र की ओर से जोर दिया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और दिल्ली आतंकी हमले समेत कई अहम मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में है।
संसद का शीतकालीन सत्र आज से 19 दिसंबर, 2025 तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें होंगी।
संसद में केंद्र द्वारा पेश किए जाने वाले 14 प्रमुख विधेयक
केंद्र सरकार इस सत्र में असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने समेत कई महत्वपूर्ण आर्थिक और सुरक्षा से जुड़े बिल पेश करेगी। इनमें शामिल हैं:
- जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025
- दिवालिया एवं दिवाला-बैंकअप्सी क़ानून (संशोधन) विधेयक, 2025
- मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025
- रीपीलिंग और संशोधन विधेयक, 2025
- राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2025
- परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025 (असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने से संबंधित)
- कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2025
- सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल, 2025
- बीमा कानून (संशोधन) विधेयक, 2025
- मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक, 2025
- उच्च शिक्षा आयोग विधेयक, 2025
- केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025
- स्वास्थ्य सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025
- वर्ष 2025–26 के लिए प्रथम पूरक अनुदान मांगों
संसद में सरकार को घेरने का है विपक्ष का प्लान
मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी, डीएमके समेत कई पार्टियां केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।
- SIR प्रक्रिया: विपक्ष सबसे पहले देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में एकजुट होकर सरकार पर चर्चा करने के लिए जोर डालेगा। विपक्षी पार्टियां केंद्र पर मतदाता सूची से लाखों मतदाताओं के नाम काटने और वोट चोरी के आरोप लगा रही हैं। उनका कहना है कि सरकार SIR के नाम पर पिछड़े, दलित, वंचित और गरीब वोटरों को लिस्ट से हटाकर अपनी मन के मुताबिक वोटर लिस्ट तैयार कर रही है।
- अन्य मुद्दे: दिल्ली आतंकी हमला और चीन के साथ सीमा विवाद जैसे अहम मुद्दे भी विपक्ष उठाएगा।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि सरकार गतिरोध की स्थिति को टालने के लिए विपक्षी दलों के साथ वार्ता जारी रखेगी और वह विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार है।