महाराष्ट्र में चल रहे नगरपालिका और नगर पंचायत चुनावों के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने एक बड़ा दावा करते हुए महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है।
एक महीने तक बीमारी के कारण राजनीति से दूर रहने के बाद मीडिया के सामने आए संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महायुति सरकार पर चुनावों में पैसों के भारी इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पैसों के बल पर राजनीति करना लोकतंत्र के लिए खतरा है।
“एकनाथ शिंदे के 35 विधायक टूटेंगे”
संजय राउत ने महायुति के दलों में विवाद बढ़ने का हवाला देते हुए एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर सबसे बड़ा हमला बोला।
- राउत का दावा: संजय राउत ने दावा किया है कि एकनाथ शिंदे के 35 विधायक टूटने वाले हैं।
- चव्हाण की नियुक्ति: उन्होंने आगे कहा कि “रवींद्र चव्हाण को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष इसलिए ही बनाया गया है।”
- शिंदे पर टिप्पणी: राउत ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि “हम शिंदे की पार्टी को शिवसेना मानने को तैयार नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि शिंदे सोचते हैं कि दिल्ली के दो बड़े नेता उनके साथ हैं, लेकिन “वे किसी के नहीं हैं।”
चुनाव आयोग से दखल की मांग
संजय राउत ने चुनावी दौर में पैसों के लेन-देन की तीखी आलोचना की और आरोप लगाया कि महायुति सरकार की ओर से बड़े पैमाने पर पैसों का खेल चल रहा है।
- ‘लक्ष्मी दर्शन’: राउत ने कहा, “कल चुनाव है और मंत्री कहते हैं कि 1 तारीख को ‘लक्ष्मी दर्शन’ होगा। चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए।”
- चुनावी संस्कृति पर हमला: उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में नगरपालिका/नगर पंचायत चुनावों में पहले कभी इतना पैसा नहीं बहाया गया था। अब तो एक चुनाव के लिए 10–15 करोड़ रुपये का बजट और 5–6 हेलिकॉप्टर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि “इतने करोड़ रुपये खर्च करके किसके लिए लड़ रहे हो? इस राज्य की चुनावी संस्कृति पूरी तरह नष्ट हो गई है।”
राउत ने स्पष्ट कहा कि शिंदे गुट बीजेपी द्वारा बनाया हुआ है, और यह सत्ता के तीन दलों की आपसी स्पर्धा है।