BBD दीक्षांत समारोह में CM योगी ने युवाओं को दिखाया शिक्षक का रास्ता, समस्या नहीं, समाधान पर ध्यान दो

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाबू बनारसी दास (BBD) विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होकर युवाओं को ‘शिक्षक’ के रूप में संबोधित किया और उन्हें जीवन में हमेशा प्रयास करते रहने की सीख दी। उन्होंने सफलता का मंत्र बताते हुए कहा कि जीवन में सफलता के केवल दो ही मार्ग हैं:

“समाधान की तरफ जाएंगे तो सफलता प्राप्त होगी। समस्या को बार-बार गिनाते रहेंगे तो सफल नहीं हो सकते। समस्या की बजाय समाधान पर ध्यान दीजिए। सभी लोग मिलकर जब सामूहिक रूप से प्रयास करेंगे तो समाधान मिलेगा।”

उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि जीवन में धैर्य और संतुलन खोए बिना अडिग होकर आगे बढ़ेंगे तो सफलता अवश्य कदम चूमेगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास और विश्वविद्यालय के संस्थापक अखिलेश दास गुप्ता को भी याद किया।

प्राचीन गुरुकुल प्रणाली और भारत की बढ़ती ताकत

सीएम योगी ने दीक्षांत समारोह को ‘इंडियाज ट्रांसफॉर्मिंग जनरेशन’ का उदाहरण बताया, जिसके विजनरी लीडरशिप में देश-प्रदेश नई गति प्राप्त करेगा। उन्होंने भारत की प्राचीन गुरुकुल प्रणाली के ‘समावर्तन समारोह’ की व्याख्या करते हुए कहा कि:

  • “हम जो करते थे, दुनिया उसका अनुसरण करती थी। जब हमने दुनिया का अनुसरण शुरू किया तो हमारी ताकत भी कम होती गई।”

  • उन्होंने कहा कि दुनिया जहां जा रही है, हम उससे 10 कदम आगे की सोच लेकर चलेंगे, तब दुनिया हमारा अनुगमन करने को मजबूर होगी।

पीएम मोदी के नेतृत्व में ‘स्केल को स्किल में’ बदला गया

सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा हर क्षेत्र में लंबी छलांग लगाने का जिक्र किया।

  • भ्रष्टाचार पर प्रहार: उन्होंने ‘जनधन खातों’ का उदाहरण दिया, जिससे डीबीटी (DBT) के माध्यम से बिना किसी कट के शासन की योजनाओं की राशि सीधे गरीबों के खाते में जा रही है। उन्होंने कहा, “कभी राजीव गांधी ने कहा था कि हम एक रुपये भेजते हैं, गरीब के पास 15 पैसे जाते हैं पर आज डिजिटल इंडिया मिशन है।”

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति: जब दुनिया की सुपर पावर भी कोरोना के साए में थी, तब भारत कोविड प्रबंधन के साथ ही 2020 में नेशनल एजूकेशन पॉलिसी को लांच कर रहा था।

  • युवाओं को उड़ान: सीएम योगी ने कहा कि मोदी जी ने ‘स्केल को स्किल में बदलने’ का कार्य किया, ताकि युवा आकांक्षाओं को पंख मिल सके।

यूपी का विकास मॉडल और कानून व्यवस्था

सीएम योगी ने बताया कि कैसे उनकी सरकार ने उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली।

  • चैलेंज और सफलता: 2017 में जब सत्ता मिली तो यूपी भारत सरकार के आंकड़ों में बॉटम-5 में रहता था, लेकिन आज यूपी भारत सरकार की हर स्कीम में टॉप-थ्री में है।

  • जीरो टॉलरेंस नीति: पीएम मोदी के मंत्र ‘सबका साथ-सबका विकास’ और अपराध-अपराधियों, भ्रष्टाचार-भ्रष्टाचारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सरकार ने कार्य किया। उन्होंने कहा, “आज अन्य प्रदेश भी यूपी के कानून व्यवस्था को मॉडल के रूप में देखते हैं।”

  • निवेश में झड़ी: कानून व्यवस्था पर कार्य हुआ तो जिस प्रदेश में पांच वर्ष में 50 हजार करोड़ का भी निवेश नहीं आ पाता था, वहां 8 वर्ष में 45 लाख करोड़ से अधिक से निवेश प्रस्ताव लाने में सफलता प्राप्त की।

  • सुरक्षा की गारंटी: उन्होंने कहा, “हर किसी को सुरक्षा की गारंटी मिलनी चाहिए और हमने यह गारंटी ली।” उन्होंने कहा कि मात्र दो वर्ष में यूपी को नंबर-2 पर पहुंचाया और आज यूपी की गिनती टॉप अचीवर स्टेट के रूप में होती है।

  • ऑपरेशन सिंदूर: सीएम योगी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से दुनिया द्वारा भारत के पराक्रम को देखे जाने का जिक्र किया।

टेक्नोलॉजी और संस्कारों पर जोर

सीएम योगी ने युवाओं और संस्थानों को टेक्नोलॉजी के साथ संस्कारों से भी जोड़ने की अपील की।

  • AI, रोबोटिक और ड्रोन: उन्होंने कहा कि AI, डाटा सेंटर, रोबोटिक और ड्रोन टेक्नोलॉजी आज की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय से इन इमर्जिंग टेक्नोलॉजी को पार्ट बनाने और शॉर्ट टर्म कोर्स प्रारंभ करने की अपील की।

  • संचालित न हों: उन्होंने चेतावनी दी कि टेक्नोलॉजी आपके द्वारा संचालित हो, आप उसके द्वारा न संचालित हों।

  • सिविक सेंस: सीएम ने जी-20 समिट के दौरान गमले गायब होने का किस्सा सुनाया और ट्रैफिक सेंस व सिविक सेंस की उपयोगिता पर बल दिया।

सीएम ने कहा कि पीएम मोदी के विकसित भारत का विजन विकसित यूपी से साकार होगा और इसके लिए सभी को मिलकर सामूहिक प्रयास करना होगा।

डिग्री और सम्मान:

सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान मेडल व डिग्री प्रदान किए। मेडल व डिग्री पाने वालों में मुस्कान साहू, पेशवानी शर्मा, सुमि गौर, जीविदा शुक्ला, स्मारिका सक्सेना, इंशा इमरान, मधुलिका, ऋषिता अस्थाना, नैना सिंह, विभव दुबे, पल्लवी राय, नीरज कुमार कुशवाहा, वर्तिका गुप्ता, वैष्णवी यादव, शुभम शुक्ला, वैष्णवी श्रीवास्तव, सारा मेहंदी आदि शामिल रहे।

डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित होने वालों में मयंक जयपुरिया, अमृता यादव, मंजू भारद्वाज, श्वेता सिंह, ऊषा अरुणिमा, आलोक शरण, समीक्षा गुप्ता, ओजस्विनी पाल, शैलजा पांडेय, नेहा शर्मा, आफरीन हसन, फरहीन आजाद, सारा जैदी, अनुकृति मिश्रा शामिल रहे।

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