Delhi AQI Update: दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा लगातार ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी हुई है. हैरानी की बात यह है कि दिल्ली में इस बार पटाखे तक नहीं फोड़े गए, फिर भी हवा में जहर घुला है. अब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA की सैटेलाइट तस्वीरों ने इस प्रदूषण के पीछे बड़ा कारण उजागर किया है — पाकिस्तान के लाहौर, सियालकोट और गुजरांवाला के खेतों में जलती पराली.
दिल्ली में AQI फिर खतरनाक स्तर पर
मंगलवार (21 अक्टूबर 2025) को दोपहर 1 बजे दिल्ली का AQI 357 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है.
नोएडा का AQI 322 और गुरुग्राम का 362 रहा.
बीते तीन दिनों से दिल्ली-एनसीआर की हवा इसी श्रेणी में बनी हुई है —
दिवाली से पहले दिल्ली का औसतन AQI 296 था, जबकि दिवाली की रात यह केवल दो अंक बढ़कर 347 हुआ.
इससे स्पष्ट है कि पटाखों का असर सीमित रहा, जबकि प्रदूषण का असली कारण कुछ और है.
पाकिस्तान में जल रही पराली, NASA की तस्वीरों से खुलासा
NASA की सैटेलाइट तस्वीरों में साफ दिखा है कि भारत के पंजाब और हरियाणा में पराली जलने की घटनाएं बेहद कम हैं,
जबकि पाकिस्तान के लाहौर, गुजरांवाला और सियालकोट क्षेत्र थर्मल मैप में लाल रंग से ढके हुए हैं — यानी वहां खेतों में लगातार आग जल रही है.
पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. मनु सिंह ने कहा,
“उत्तर भारत में बढ़ते प्रदूषण का मुख्य कारण पाकिस्तान के खेतों में जलती पराली है. हवा की दिशा पश्चिम से पूर्व की ओर है, जिससे पाकिस्तान का धुआं दिल्ली और उत्तर भारत में पहुंच रहा है.”
भारत में सिर्फ 166 केस, पाकिस्तान में 800% ज्यादा
भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार,
पिछले तीन दिनों में दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में कुल 166 पराली जलाने के मामले दर्ज हुए हैं.
इसके विपरीत, पाकिस्तान में भारत से 800% अधिक पराली जलने के प्रमाण मिले हैं.
NASA की सैटेलाइट रिपोर्ट और प्रदूषण मानकों से साफ है कि इस पार सीमित पराली के बावजूद, सरहद पार की हरकतों ने हवा को जहर से भर दिया है.
विशेषज्ञों की चेतावनी
पर्यावरणविदों का कहना है कि अगर हवा की दिशा पश्चिमी बनी रही, तो अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में प्रदूषण का स्तर और भी बढ़ सकता है.
लोगों को मास्क पहनने, बाहर की गतिविधियों को सीमित करने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है.