दुर्गापुर गैंगरेप केस पर ममता बनर्जी का बयान विवादों में, परिवार बोला—घटना आधी रात नहीं, रात 8 बजे की है

Durgapur Rape Case: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एमबीबीएस छात्रा से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। सीएम ममता ने सवाल उठाया कि पीड़िता रात 12:30 बजे बाहर क्यों थी, जबकि पीड़िता के परिवार का कहना है कि घटना का समय रात करीब 8 बजे का है। इस विरोधाभास के बाद विपक्षी दलों ने ममता बनर्जी पर पीड़िता को दोषी ठहराने का आरोप लगाया है।

ममता बनर्जी का बयान बना विवाद का कारण

रविवार (12 अक्टूबर 2025) को मीडिया से बातचीत में सीएम ममता बनर्जी ने कहा,

“पीड़िता एक निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही थी। सभी निजी मेडिकल कॉलेजों की जिम्मेदारी किसकी है? वह रात 12:30 बजे बाहर कैसे आ गई? जहां तक मुझे पता है, यह घटना जंगल वाले इलाके में हुई, जिसकी जांच जारी है।”

ममता ने यह भी कहा कि वह इस घटना से स्तब्ध हैं, लेकिन निजी मेडिकल कॉलेजों को अपने छात्रों — विशेषकर लड़कियों — की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए और रात में उन्हें बाहर नहीं जाने देना चाहिए। साथ ही छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।

परिवार ने बताया—‘घटना आधी रात की नहीं’

पीड़िता के परिवार ने मुख्यमंत्री के बयान को गलत बताया है। परिवार के मुताबिक, छात्रा शुक्रवार शाम अपने दोस्त के साथ खाना खाने के लिए कॉलेज परिसर के बाहर गई थी।
पीड़िता के पिता ने एनडीटीवी को बताया,

“हमें रात लगभग 9.30 बजे बेटी के सहपाठियों का फोन आया। उन्होंने बताया कि उसके साथ बलात्कार हुआ है और हमें तुरंत दुर्गापुर आना चाहिए। हम शनिवार सुबह पहुंचे, वह अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत खराब थी। आरोपियों ने उसका मोबाइल छीन लिया और पैसे मांगे।”

एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, पिता की शिकायत में दर्ज है कि दुष्कर्म की वारदात रात करीब 8 बजे हुई थी।

पीड़िता की मां ने सुनाई दर्दनाक दास्तां

पीड़िता की मां ने बताया कि बेटी अपने दोस्त के साथ डिनर के लिए बाहर गई थी। रास्ते में तीन लोगों ने उनका पीछा किया, जिसके बाद बेटी का दोस्त डरकर भाग गया।

“मेरी बेटी भी भागने लगी, लेकिन जब तीनों आरोपियों ने उसे अकेला पाया तो पास के जंगल में ले गए। दो और लोग भी आ गए। उनमें से एक ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसका मोबाइल छीन लिया। उसे धमकी दी गई कि अगर उसने आवाज उठाई तो जान से मार देंगे।”

अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है। विपक्षी दलों ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि वह बयानबाजी के जरिए अपराध की गंभीरता को कम कर रही हैं, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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