देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार (9 अक्टूबर) को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जनसेवा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कुल 7628 करोड़ रुपये की चार बड़ी परियोजनाओं की स्वीकृति मांगी। वित्त मंत्री ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
धामी ने रखी चार प्रमुख परियोजनाओं की मांग
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में 2000 करोड़ रुपये की जल एवं स्वच्छता नगरी अवसंरचना विकास परियोजना, 424 करोड़ रुपये की डीआरआईपी तृतीय चरण, 3638 करोड़ रुपये की उत्तराखंड क्लाइमेट रेसिलिएंट इंट्रा-स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन सिस्टम डेवलपमेंट परियोजना, और 1566 करोड़ रुपये की पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन रिलायबिलिटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट को मंजूरी देने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से राज्य में जल संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा आपूर्ति और सार्वजनिक सेवा वितरण प्रणाली में बड़ा सुधार आएगा।
जल निकासी और शहरी ढांचे में सुधार की जरूरत
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि उत्तराखंड के शहरी इलाकों में आबादी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील और अधिक वर्षा वाले इस राज्य में नगरीय जल निकासी प्रणाली (Storm Water Drainage System) को मजबूत करना बेहद जरूरी है। इसके लिए राज्य के सबसे अधिक बारिश से प्रभावित 10 जिलों के लिए डीपीआर तैयार की गई है, जिसकी अनुमानित लागत 8579.47 करोड़ रुपये है।
उन्होंने वित्त मंत्री से अनुरोध किया कि इन परियोजनाओं को पूंजीगत निवेश सहायता योजना के तहत स्वीकृति प्रदान की जाए।
वाह्य सहायतित परियोजनाओं को लेकर भी आग्रह
सीएम धामी ने वित्त मंत्री से राज्य की वाह्य सहायतित परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत तीन प्रमुख परियोजनाओं में से उत्तराखंड क्लाइमेट रेजिलिएंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को तत्काल स्वीकृति की आवश्यकता है। इसके साथ ही 850 करोड़ रुपये की सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण परियोजना और 800 करोड़ रुपये की जलापूर्ति व्यवस्था सुधार परियोजना को भी मंजूरी देने का आग्रह किया गया।
वित्त मंत्री ने दिया भरोसा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री धामी को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के विकास और वहां के बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।