नई दिल्ली: दिवाली पर पटाखों को लेकर राजधानी दिल्ली में सस्पेंस बरकरार है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार (6 अक्टूबर) को कहा कि उनकी सरकार सुप्रीम कोर्ट से प्रमाणित ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति मांगेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम लोगों की भावनाओं और पर्यावरण सुरक्षा के बीच संतुलन बनाएगा।
सुप्रीम कोर्ट से मांगी जाएगी इजाजत
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार लिखित में कोर्ट से गुजारिश करेगी कि दिवाली पर सिर्फ वही पटाखे जलाने की अनुमति दी जाए, जो सभी पर्यावरणीय मानकों और सरकारी नियमों का पालन करते हों। उन्होंने कहा कि दिवाली भारत की सांस्कृतिक धरोहर है और करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा त्योहार है। इसलिए सरकार चाहती है कि लोग खुशियां भी मनाएं और जिम्मेदारी भी निभाएं।
पर्यावरण के अनुकूल त्योहारों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोर्ट इजाजत देता है तो सिर्फ मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा बनाए गए प्रमाणित ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल होगा। साथ ही, सरकार सुप्रीम कोर्ट के हर आदेश का पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका कहना है कि दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने और सुरक्षित उत्सवों को बढ़ावा देगी।
पुलिस ने जब्त किए 1700 किलो बैन पटाखे
इधर, दिल्ली पुलिस ने दिवाली से पहले बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 1700 किलो से अधिक प्रतिबंधित पटाखे जब्त किए और 7 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने बताया कि अपराध शाखा ने द्वारका, रोहिणी, उत्तम नगर, शास्त्री नगर, मुकुंदपुर और शाहदरा में छापेमारी कर यह कार्रवाई की।
पुलिस का कहना है कि ये अभियान सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर आधारित हैं, जिनका उद्देश्य वायु प्रदूषण पर रोक और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हर साल अक्टूबर से लेकर सर्दियों तक दिल्ली की हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच जाती है, ऐसे में पटाखों पर सख्ती बरती जा रही है।
साफ है कि इस बार दिल्ली में दिवाली का जश्न ग्रीन पटाखों के साथ ही मनाने की कोशिश होगी, लेकिन आखिरी फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगा।