जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का कहर: अगले 24 घंटे बेहद अहम, IMD का अलर्ट जारी

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। जम्मू के भगवती नगर स्थित तवी पुल का एक हिस्सा बह गया है। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले 24 घंटे पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए बेहद अहम हैं।

भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन का खतरा

मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले 6-8 घंटों तक बारिश जारी रह सकती है, जिससे नदियों और नालों का जलस्तर और बढ़ेगा। कश्मीर में झेलम नदी का जलस्तर पहले ही बढ़ चुका है, जबकि जम्मू में पिछले 24 घंटों में 200 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। विभाग ने आशंका जताई कि अत्यधिक वर्षा के कारण अचानक बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं हो सकती हैं।

लोगों को सतर्क रहने की अपील

कश्मीर मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक डॉ. मुख्तार अहमद ने लोगों से निचले इलाकों से दूर रहने और सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश रुकने के बाद जलस्तर धीरे-धीरे कम होगा, लेकिन अगले 12 घंटे बेहद संवेदनशील हैं।

एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट

आपदा प्रबंधन के तहत एसडीआरएफ की टीमें श्रीनगर, बडगाम, बारामूला, कुपवाड़ा, पुलवामा, अनंतनाग समेत सभी जिलों में तैनात कर दी गई हैं। कारगिल में भी विशेष एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें नदियों और नालों के किनारे रहने वालों को खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है।

1 सितंबर तक चेतावनी

श्रीनगर जिला प्रशासन ने भी 26 अगस्त से 1 सितंबर तक के लिए भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। खासकर फकीर गुजरी, खोनमौह और आसपास के पहाड़ी इलाकों में लोगों से सतर्क रहने और ढलानों व जलाशयों के पास न जाने की अपील की गई है। पर्यटकों, शिकारा संचालकों और रेत खनन करने वालों को झेलम नदी और सहायक नदियों को पार करने से पहले स्थिति की पुष्टि करने के निर्देश दिए गए हैं।

हेल्पलाइन नंबर जारी

आपात स्थिति में लोग श्रीनगर जिला आपात संचालन केंद्र (DEOC), ERSS या पुलिस कंट्रोल रूम के नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
0194-2457543, 0194-2483651, 9103998355, 9103998356, 9103998357, 0194-2477567, 0194-2457552, और 112।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और हालात सामान्य होने तक बाहरी गतिविधियों को सीमित रखें।

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