
पाकिस्तान में चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। यहां पर अगले साल जनवरी के आखिरी हफ्ते में चुनाव कराए जाएंगे। पाकिस्तान चुनाव आयोग ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी दी। चुनाव आयोग के बयान के मुताबिक विधानसभाओं की फाइनल लिस्ट 30 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।
54 दिन लंबे चुनाव कार्यक्रम के बाद 2024 में जनवरी के आखिरी हफ्ते में चुनाव होगा। बता दें कि नौ अगस्त को पाकिस्तान संसद भंग कर दी गई थी। तब से यहां पर केयरटेकर प्रधानमंत्री जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
सियासी संकट के बीच चुनाव
अनुमान लगाया जा रहा है कि संसद भंग होने के बाद 90 दिनों के अंदर पाकिस्तान में चुनाव हो जाएंगे। लेकिन चुनाव आयोग का कहना है कि ताजा जनगणना के बाद नए सिरे से परिसीमन होगा। इसके लिए समय की जरूरत होगी। चुनाव एक राजनीतिक संकट के बीच में होंगे जिसमें देश के सबसे लोकप्रिय राजनेता – इमरान खान को जेल में डाल दिया गया है। इसके अलावा उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है।
ऐसा है पाकिस्तान में सरकार का ढांचा
पाकिस्तानी संविधान के मुताबिक पाकिस्तान सेक्युलर नहीं बल्कि इस्लामिक देश है। इसलिए वहां का प्रधानमंत्री इस्लाम धर्म का मानने वाला ही बन सकता है। पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक वहां की संसद को मजलिस-ए-शूरा कहा जाता है। यहां के निचले सदन यानी राष्ट्रीय असेंबली और उच्च सदन को आइवान-ए बाला कहा जाता है। यहां पर राष्ट्रपति का चयन इलेक्टोरल कॉलेज करता है। सीनेट 6 साल के होती है और तीन साल में इसके सदस्य चुने जाते हैं। सीनेट में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष प्रमुख होते हैं, जिनका कार्यकाल 5 साल का होता है। गौरतलब है कि पाकिस्तान में आज भी वोटिंग बैलेट पेपर के जरिए होती है।