
Trump-Munir Meeting: पाकिस्तान सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के बीच वाइट हाउस में हुई बैठक पर पहली औपचारिक प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि इस बैठक से पाकिस्तान को भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बारे में अपनी बात रखने में मदद मिली। आसिफ ने इसे पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया और कहा कि यह घटना पाकिस्तान के ‘हाइब्रिड मॉडल’ की सफलता को साबित करती है।
ट्रंप का दावा: परमाणु युद्ध से बचाया
डोनाल्ड ट्रंप ने इस बैठक के बाद मीडिया से कहा कि उन्होंने जनरल मुनीर से इस लिए मुलाकात की थी कि वह युद्ध को टालने और संघर्ष को समाप्त करने के लिए उनके प्रयासों का धन्यवाद देना चाहते थे। ट्रंप ने कहा, “यह बहुत ही समझदार कदम था कि दोनों देशों ने युद्ध न करने और संघर्ष खत्म करने का निर्णय लिया। यह एक परमाणु युद्ध हो सकता था और मैं बहुत खुश हूं कि यह नहीं हुआ।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को समाप्त करने का श्रेय लिया।
बैठक के दौरान चर्चा के प्रमुख मुद्दे
वहीं, पाकिस्तान की सेना के मीडिया प्रकोष्ठ इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा कि ट्रंप और जनरल मुनीर के बीच आतंकवाद-रोधी संयुक्त प्रयासों पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही व्यापार, आर्थिक विकास, ऊर्जा, कृत्रिम मेधा (एआई), क्रिप्टोकरेंसी और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को विस्तार देने के अवसरों पर भी विचार-विमर्श हुआ। सेना ने कहा कि ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार साझेदारी स्थापित करने में गहरी रुचि जताई है।
अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों का नया दौर
इस बैठक को पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों के 78 साल के इतिहास में एक अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। ख्वाजा आसिफ ने इसे शासन के वर्तमान ‘हाइब्रिड मॉडल’ की सफलता बताते हुए कहा कि यह मुलाकात साबित करती है कि पाकिस्तान में निर्वाचित सरकार और सेना के बीच सहयोग बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पाकिस्तान के लिए गर्व की बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख को आमंत्रित किया और उनसे मुलाकात की।
मुनीर और ट्रंप की बैठक पर पाकिस्तान की नजर
वहीं, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने ट्रंप और मुनीर के बीच मुलाकात को लेकर कहा कि यह पाकिस्तान के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। उनका मानना है कि यह बैठक भविष्य में पाकिस्तान के लिए बड़े अवसर लेकर आएगी, खासकर जब बात दोनों देशों के बीच व्यापार और सामरिक रिश्तों की हो।
ईरान पर चर्चा: ट्रंप ने क्या कहा?
बैठक में ईरान पर भी चर्चा हुई, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि “मुनीर और उनके पास ईरान के बारे में ज्यादा जानकारी है। वे जानते हैं कि ईरान को लेकर क्या चल रहा है। हालांकि, इजराइल के साथ उनके रिश्ते ठीक नहीं हैं, लेकिन वे असल में दोनों देशों को अच्छी तरह से समझते हैं और इस पर उन्होंने मुझसे सहमति जताई है।”
बेइज्जती का आरोप: लंच की तस्वीर का न होना
हालांकि, ट्रंप और मुनीर की बैठक को लेकर एक और बात चर्चा में है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस मुलाकात की कोई तस्वीर साझा नहीं की, जो पाकिस्तान में बेइज्जती के तौर पर देखी जा रही है। डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपनी मुलाकातों की तस्वीरें रीयल टाइम में सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं, लेकिन मुनीर के साथ लंच की तस्वीर का न होना पाकिस्तान के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है।
ट्रंप और मुनीर की मुलाकात पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों में एक नया आयाम जोड़ती है। जहां एक ओर पाकिस्तान को उम्मीद है कि यह मुलाकात द्विपक्षीय सहयोग के नए रास्ते खोलेगी, वहीं दूसरी ओर ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ संबंधों को सुधारने के लिए युद्ध की टालने की प्रक्रिया में अपनी अहम भूमिका निभाई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते किस दिशा में जाते हैं और दोनों देशों के बीच यह सहयोग कितने बड़े बदलाव लेकर आता है।