खड़गे का बयान: राष्ट्रीय मुद्दों पर एकता जरूरी, सुरक्षा मामलों पर न करें राजनीति

खड़गे का बयान: राष्ट्रीय मुद्दों पर एकता जरूरी, सुरक्षा मामलों पर न करें राजनीति

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को एक महत्वपूर्ण बयान में देश की राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक दलों और नेताओं से संयम बरतने और एकजुटता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे संकटपूर्ण समय में आत्मप्रशंसा करने वाले भाषण देना अनुचित है, क्योंकि इससे सेना के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर एकजुटता की जरूरत

खड़गे ने मीडिया से बातचीत में कहा, “जब बात राष्ट्र की सुरक्षा की हो, तब सभी नेताओं को एकजुट रहना चाहिए। हमें विरोधियों को हराने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीतिक बयानबाजी नहीं होनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे वक्त में जब सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ हो, देश के सभी नेताओं को चुप रहना चाहिए। “पहले यह समझिए कि वास्तव में क्या हुआ है, फिर उस पर टिप्पणी करें। जल्दबाजी में दिए गए बयानों से भ्रम पैदा हो सकता है और दुश्मन इसका फायदा उठा सकते हैं,” खड़गे ने चेतावनी दी।

प्रधानमंत्री से चुनावी भाषण नहीं, जिम्मेदारी की उम्मीद

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जब तक विदेश में गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक चुनावी प्रचार से बचना चाहिए। खड़गे ने प्रधानमंत्री से यह अपेक्षाएँ कीं कि वे ऐसे समय में अपनी तारीफ करने वाले भाषणों से परहेज करें।

“पूरा देश हमारी सेना के साथ खड़ा है, लेकिन प्रधानमंत्री को यह दिखाना चाहिए कि वे राजनीतिक लाभ के बजाय राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता दे रहे हैं,” खड़गे ने कहा।

विशेष सत्र की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी सुझाव दिया कि भारत में संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाए, ताकि सभी दल मिलकर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा कर सकें। “यह समय बेहद अहम है। हमने पहले भी कहा है कि संसद बुलाई जाए और वहां इस मुद्दे पर गंभीर विचार-विमर्श हो। पाकिस्तान ने भी अपनी संसद बुलाई और इस पर चर्चा कर रहा है,” उन्होंने बताया।

सरकार की जिम्मेदारी: एकता दिखाना

खड़गे ने दोहराया कि उनकी पार्टी और देश का विपक्ष कभी भी राष्ट्र के खिलाफ बयानबाजी नहीं करेगा। “हम सब अपने सशस्त्र बलों के साथ खड़े हैं, लेकिन इस एकता को सबसे पहले सरकार और प्रधानमंत्री को दिखाना चाहिए,” उन्होंने कहा।

बढ़ता राजनीतिक तनाव

यह बयान उस समय आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति के कारण ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे सैन्य अभियानों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल रही है। कांग्रेस जहां सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है, वहीं भाजपा विपक्ष पर “राष्ट्रविरोधी” रुख अपनाने का आरोप लगा रही है।

खड़गे के इस बयान से यह साफ होता है कि कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सभी दलों के बीच एकजुटता की पक्षधर है, और वह इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने से बचने की बात कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *