
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को संसद में बोलते हुए महिला आरक्षण बिल को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह युग बदलने वाला विधेयक है। मैं इस बिल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देता हूं।
शाह ने कहा, ‘कल का दिन स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा। कुछ पार्टियों के लिए नारी शक्ति वंदन बिल राजनीतिक मुद्दा हो सकता है। मगर, मेरी पार्टी और नेता के लिए महिला सशक्तीकरण राजनीतिक मुद्दा नहीं है, यह संकल्प की बात है।’ उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित बिल सदन में पेश हुआ है। इसके साथ ही महिलाओं की लंबी लड़ाई का अंत हो जाएगा। यह नए युग का श्रीगणेश होगा।
अमित शाह ने कहा, ‘पहली बार महिला आरक्षण बिल नहीं आया है। यह पांचवीं बार लाया गया है। आखिर इसका क्या कारण था कि इससे पहले क्यों नहीं पास हो सका। सबसे पहले 81वें संविधान संशोधन के तहत 1996 में लाया गया। एचडी देवगौड़ा जब प्रधानमंत्री थे तब वो इस बिल को लेकर आए थे। इस विधेयक को सदन में रखने के बाद इसे संयुक्त समिति को दे दिया गया। समिति की रिपोर्ट भी आई मगर इस पर गौर नहीं किया गया।’
गृह मंत्री ने कहा, ‘1998 में दूसरी बार लाया गया, तब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे। यह भी विलोपति हो गया। 13वीं लोकसभा में भी इस बिल को लेकर आया गया मगर विलोपित हो गया। इसके बाद डॉ. मनमोहन सिंह जब लेकर आए तो यह राज्यसभा में पास हुआ मगर राज्यसभा में नहीं लाया गया। इस तरह यह विधेयक भी विलोपित हो गया। ये विधेयक चार बार आया और पारित नहीं हो सका। इसलिए मैं अपील करता हूं कि सब लोग इस समर्थन करें और मातृशक्ति के साथ खड़े हों।’
अमित शाह ने आगे कहा, ‘अभी जो मौजूदा संविधान है उसमें तीन कैटेगरी से सांसद चुनकर आते हैं। इन तीनों कैटेगरी (सामान्य, एससी, एसटी) में हमने 33 फीसदी का आरक्षण दिया है।’ शाह ने कहा कि परिसीमन कमीशन ही इसका नीति-निर्धारण करता है। चुनाव के बाद जनगणना और डिलिमिटेशन होगा। उन्होंने कहा कि ये नारा देते हैं कि गरीबी हटाओ मगर 50 साल में भी गरीबी नहीं हटती। ये लोग 60 साल का हिसाब नहीं देते और हमसे 10 साल का जवाब मांगते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि मोदी सरकार में 29 ओबीसी मंत्री हैं। हमारी सरकार में 85 ओबीसी सांसद हैं। इतना ही नहीं, हमारी पार्टी में 27 प्रतिशत विधायक OBC हैं। 40 फीसदी ओबीसी MLC भी हमारी पार्टी में हैं। शाह ने कहा, ‘जो पार्टियां OBC का राग अलापती हैं, उन्होंने कभी भी ओबीसी प्रधानमंत्री बनाया है। मगर, भारतीय जनता पार्टी ने ओबीसी पीएम नहीं बनाया है।’ उन्होंने कहा कि अंत में मैं यह कहना चाहता हूं कि हर कोई महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करे। यह हम सबकी जिम्मेदारी है। इससे पहले हमने कई बार निराश किया है, मगर इस बार नहीं होगा।