
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन बिल) पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उनकी पार्टी और पीएम नरेंद्र मोदी के लिए महिला सशक्तीकरण का मुद्दा राजनैतिक नहीं, बल्कि मान्यता का सवाल है।
महिला आरक्षण विधेयक पारित होने से नए युग की शुरुआत होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने जी20 में महिलाओं के नेतृत्व वाली प्रगति का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। संसद में अपने भाषण के दौरान अमित शाह विपक्षी सासंदों पर नाराज होते हुए भी दिखाई दिए। उन्होंने यहां तक कह दिया कि क्या आप मुझे वहां बैठकर टाइम देंगे?
दरअसल, संसद में जब अमित शाह ने कहा कि जिस दिन पीएम मोदी इस देश के प्रधानमंत्री बने, तब 70 करोड़ लोगों के घर में बैंक अकाउंट नहीं था। उसके बाद जनधन योजना के जरिए 52 करोड़ बैंक अकाउंट खोले गए, जिसमें 70 फीसदी माताओं के नाम से खोले गए। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने बीच में तेजी से टोकाटाकी करना शुरू कर दिया, जिसके बाद अमित शाह ने पूछा, ”किसने 10 मिनट दिए मुझे? आप वहां बैठकर टाइम दोगे? सुनने की आदत डालो भाई। मैं अपनी पार्टी के टाइम में बोल रहा हूं।” इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आप कौन होते हैं फैसला करने वाले? इसके बाद अमित शाह ने फिर से अपना भाषण शुरू किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में आगे कहा, ”मोदी ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा दिया, उनके इन प्रयासों के तहत लैंगिक अनुपात में सुधार हुआ। मोदी के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, समान भागीदारी सरकार की जीवन शक्ति रही है।”
‘सोशल मीडिया में कुछ लोगों ने भूमिका बनानी शुरू की’
अमित शाह ने कहा कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर भूमिका बनाना शुरू कर दिया है कि इस विधेयक को इसलिए समर्थन मत करो कि इसमें ओबीसी आरक्षण नहीं है। इसके अलावा, यह अभी के चुनाव में नहीं लागू होगा। मैं कहता हूं कि आप समर्थन नहीं करेंगे तो क्या जल्दी आरक्षण आ जाएगा? तो भी 2029 के बाद आएगा। समर्थन कर दो तो गारंटी हो जाएगी। फिर जो सरकार आएगी, वो बदल करेगी वह भी होगा। लेकिन एक बार श्रीगणेश तो करो, गणेश चतुर्थी के दिन। एक बार शुरुआत करनी चाहिए। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि गरीबी हटाओ जैसे नारे हैं और 50 साल बीत जाते हैं, लेकिन गरीबी नहीं हटती। हम ऐसे नहीं है। मोदी जी के नेतृत्व में जो कहा जाता है, वह किया जाता है। चुनाव के तुरंत बाद डिलिमिटेशन और जनगणना दोनों होंगे और बहुत जल्द वह दिन आएगा जब इस सदन में एक तिहाई माताएं इस सदन में बैठी होंगी।