
हापुड़ में वकीलों पर लाठीचार्ज का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। 13 दिनों से चल ही हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। इस बीच राजधानी लखनऊ में वकील एक बार फिर सड़क पर उतरे। वकीलों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
इस दौरान योगी का पुतला फूंकने पर वकीलों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। हजरतगंज में धरना प्रदर्शन करते वकीलों को हटाने के लिए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने की भी कोशिश की। वकीलों के बढ़ते विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए परिवर्तन चौराहे की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है।
वकीलों ने सुबह सबसे पहले आम सभा की। इसमें तय हुआ था कि आज पुतला फूंका जाएगा। दोपहर करीब 1.30 बजे ग्लोब पार्क वाले तिराहे पर बड़ी संख्या में वकील इकट्ठा हुए। 800 से ज्यादा वकील यहां पहुंच गए। इसी दरम्यान वकीलों का एक गुट यहां पुतला लेकर पहुंचा। पुलिस भी मुस्तैद थी। जगह-जगह बैरिकेडिंग लगी हुई थीं। पुलिस ने पुतला छीनने का प्रयास किया। लेकिन वकीलों ने पुतले में आग लगा दी। फिर चारों तरफ से घेर लिया।
इसके बाद पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने एक्शन लेते हुए वकीलों को गाड़ियों में भरकर पुलिस लाइन भेजा। इस वक्त परिवर्तन चौक के आस-पास का एरिया ब्लॉक है। ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। यहां अभी भी वकील नारेबाजी कर रहे हैं। उनकी मांग हिरासत में लिए गए वकील साथियों को छोड़ने की है। यहां पुलिस ने पूरा एरिया अपने कब्जे में लिया है। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की तरफ से पूरे प्रदेश में हापुड़ घटना को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया गया। हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद एक नई टीम का भी गठन वकीलों के मामले को लेकर किया गया है।
हाईकोर्ट के बाहर फूंका योगी का पुतला
लाठीचार्ज के विरोध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंका। उच्च न्यायालय के गेट के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने कहा कि यह सरकार हमारे अधिकारों का हनन कर रही है। वकीलों के साथ अन्याय हो रहा है। उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रायसाहब यादव ने कहा, हापुड़ में वकीलों को लाठी से जानवारों की तरह पीटा जा रहा था। पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए होती है लेकिन यहां पुलिस लोगों को पीट रही है। उन्होंने कहा, जिस तरह से राजस्थान में एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया गया है उसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी इस एक्ट को लागू किया जाना चाहिए।
बदायूं में भी वकीलों ने फूंका यूपी सरकार का पुतला
बदायूं। उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं में वकीलों ने हापुड़ में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के बाद हापुड़ के डीएम और एसपी के निलंबन की मांग को लेकर आज जमकर हंगामा किया। जिला बार एसोसिएशन के जिला महासचिव पवन गुप्ता के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में इकट्ठे होकर वकीलों ने पुलिस की मौजूदगी में जजी परिसर के मेन गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और जजी परिसर के अंदर उत्तर प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया। वकीलों का गुस्सा यही शांत नहीं हुआ इसके पश्चात सभी एकत्र होकर रज्ट्रिरी कार्यालय पहुंचे और वहां तोड़फोड़ कर रज्ट्रिरी कार्यालय में तालाबंदी कर दी और कामकाज ठप कर दिया।
रायबरेली में भी वकीलों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी
उत्तर प्रदेश के रायबरेली के अधिवक्ताओं ने हापुड़ में हुए बर्बर लाठीचार्ज के पश्चात प्रदेश सरकार द्वारा दोषी लोगो के खिलाफ कार्यवाही न करने के विरोध में शांतिपूर्ण विरोध करते हुए आज भी अदालतों का बहिष्कार किया। सेंट्रल बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट की अगुवाई में अधिवक्ता गण नेहापुड़ कांड के विरोध में अपना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और अदालतों का बहिष्कार किया है।
उत्तर प्रदेश के हाई कोर्ट उच्चतम न्यायालय की बार एसोसिएशन समेत लगभग पूरे भारत के अधिवक्ता समाज मे हापुड़ लाठीचार्ज का विरोध किया है। इस संदर्भ में प्रदेश के उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सरकार से सवाल करते हुए हुए मामले की सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तिथि नियत की थी जिसे अब 18 सितंबर के लिए मुकर्रर किया गया है।