
तेलंगाना सरकार ने राज्य के कल्याण छात्रावासों और गुरुकुलों की स्थिति सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और अन्य मंत्रियों ने छात्रावासों का निरीक्षण कर छात्र-छात्राओं से बातचीत की और उनके साथ भोजन किया. सरकार का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को न केवल पोषणयुक्त आहार देना है बल्कि स्वादिष्ट भोजन भी प्रदान करना है.अब तक के आहार योजना में जो बदलाव किया गया है उसके मुताबिक छात्र-छात्राओं को महीने में दो बार मटन और चार बार चिकन परोसा जाएगा. अन्य दिनों में अंडा, सांभर, दही, और शाकाहारी करी जैसे विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे. यह पहली बार है जब मटन को मेनू में जोड़ा गया है. मुख्यमंत्री ने रंगारेड्डी जिले के चिलकुर में समाज कल्याण आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया और राज्य के सभी छात्रावासों में एक सामान आहार योजना लागू करने का निर्देश दिया. उन्होंने छात्र-छात्राओं से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली और कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि छात्रों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार किया जाए.
गुरुकुलों को आगे बढ़ाएंगे
सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि निजी स्कूलों के आने से गुरुकुलों का प्रभाव कम हुआ है, लेकिन सरकार गुरुकुलों को फिर से मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने छात्रावासों के आहार शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की थी. कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद इसे बढ़ाया और छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की.
बीआरएस ने साधा निशाना
बीआरएस नेता केटीआर ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने केवल फोटो खिंचवाने पर ध्यान दिया, जबकि बीआरएस ने छात्रों को पोषणयुक्त भोजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि यह गुरुकुलों की यात्रा नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य में निवेश है. तेलंगाना सरकार के इस कदम ने शिक्षा और छात्रावास की सुविधाओं में सुधार के लिए एक मिसाल पेश की है. सरकार का मानना है कि छात्र-छात्राओं को बेहतर पोषण और सुविधाएं प्रदान करना राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.