
पुलिस ने लोंकर बंधुओं को इस अपराध में मुख्य आरोपी के रूप में पहचान की है। दोनों ने शूटरों को वित्तीय मदद दी, साजोसामान देने के साथ-साथ हमले के लिए बैठक करने की व्यवस्था की। शुभम के मालिकाना वाली डेयरी में प्रवीण काम करता था। डेयरी में ही उन्होंने शूटर शिवकुमार गौतम और धर्मराज कश्यप की भर्ती की थी। अधिकारियों ने बताया कि साजिश को कई बैठकों के बाद अंतिम रूप दिया गया। प्लान को सही से अंजाम देने पर भारी भरकम भुगतान का वादा किया गया और शूटरों को 50 हजार रुपये पहले ही दे दिए गए थे। हमलावरों ने सिद्दीकी की दिनचर्या और उसके आवास की टोह लेने के लिए मोटरसाइकिल खरीदी।पुलिस ने तेज की शूटर गौतम की तलाश
जांच में पता चला कि गौतम ने ही उत्तर प्रदेश निवासी कश्यप को 3 महीने पहले पुणे में अपने साथ काम करने के लिए बुलाया था। इसके बाद गौतम सितंबर 2023 में मुंबई के कुर्ला में विनोबा भावे नगर इलाके में किराए पर रहने लगा। उसने सिंह को भी साजिश में शामिल किया। अधिकारी ने बताया कि शनिवार रात को सिद्दीकी की हत्या करने तक तीनों हमलावर अपने आकाओं के निरंतर संपर्क में थे। गौतम ने सिद्दीकी पर गोलीबारी शुरू की जबकि कश्यप और सिंह उसके पीछे खड़े थे। कश्यप के पास कुछ स्प्रे था, जिसे उसने सिद्दीकी पर गोली लगने के बाद छिड़क दिया। कश्यप और सिंह को बांद्रा से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि गौतम फरार है। अब पुलिस ने संदिग्ध हैंडलर मोहम्मद यासीन अख्तर और गौतम की तलाश तेज कर दी है।