हिमाचल के आसमान पर दिखे चीनी ड्रोन, क्या कर रहा है जासूसी?

हिमाचल प्रदेश में चीनी ड्रोन देखे गए हैं. इन ड्रोन का इस्तेमाल भारत की निगरानी और जासूसी के लिए किया जा रहा है. राज्य मंत्री जगत सिंह नेगी ने सोमवार को ये दावा किया. मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के किन्नौर जिले में भारत-चीन सीमा पर ड्रोन देखे गए हैं.

जिले के पू ब्लॉक में शिपकी ला और ऋषि डोगरी गांवों में ड्रोन की गतिविधि देखी गई है.

राजस्व और बागवानी मंत्री नेगी ने कहा पिछले एक सप्ताह में सीमा क्षेत्र के पास कई ड्रोन अक्सर उड़ते देखे गए हैं. इस बात की जानकारी उन्हें कई लोगों ने दी है. उन्होंने बताया कि शिपकी ला और ऋषि डोगरी दोनों जगहों पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) तक सड़कें बनाने के लिए इन दिनों काम चल रहा है, ऐसे में इन ड्रोन द्वारा निगरानी और जासूसी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.

‘पुलिस और सेना के जवानों ने भी ड्रोन देखे’

मंत्री ने ये भी कहा कि पुलिस और सेना के जवानों ने भी ड्रोन देखे हैं. उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार से फौरन संज्ञान लेने के साथ ही जरूरी निर्देश जारी तरफ एक बार फिर सीमा क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन किया गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि ये चीन की कोई नई साजिश हो सकती है. वहीं दूसरी तरफ ड्रोन की खबर सामने आने के बाद से सुरक्षा एजेंसी भी अलर्ट हो गई हैं.

ड्रोन के जरिए चीन कर रहा है जासूसी

कयास लगाए जा रहे हैं कि चीन ड्रोन भेजकर भारतीय सीमा पर हो रहे सड़क निर्माण समेत अन्य गतिविधियों की जानकारी ले रहा है. वैसे ये कोई पहला मौका नहीं है जब ड्रैगन की इस तरह की हरकत सामने आई है इससे पहले भी कई बार इस तरह की साजिश रच चुका है. पहले भी उसने भारतीय सीमा क्षेत्रों के अंदर जासूसी की है.

‘सख्त कदम उठाए सरकार’

दरअसल किन्नौर जिले के 55 गांवों को ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ में शामिल किया गया, जिसका मकसद सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है. किन्नौर और लाहौल-स्पीति चीन के साथ 240 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं, जो नौ ऊंचे पहाड़ी दर्रों से होकर गुजरती है. मंत्री ने सरकार से गुजारिश की है सरकार चीन की इस हरकत के लिए सख्त से सख्त कदम उठाए.

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