
एसएससी की ओर आयोजित परीक्षा में फर्जीवाड़ा करके 22 लोगों ने सरकारी नौकरी हथिया ली। राष्ट्रपति को भेजे गए शिकायती पत्र के बाद प्रयागराज भर्ती बोर्ड ने जांच का निर्देश एसटीएफ को दिया था।
एसएससी ने इस परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी प्राइवेट एजेंसी एमटीएस को सौंपी थी।
एसटीएफ की जांच में पता चला कि गोरखपुर के नौसड़ में स्थित स्वास्तिक सेंटर में परीक्षा देकर सफल हुए 37 अभ्यर्थियों में से 22 टॉप 200 में शामिल हैं, जिनके कंप्यूटर के मॉनिटर बिना किसी आदेश के बदले गए और फिर एनी डेस्क के माध्यम से पेपर को सॉल्व किया गया। सेंटर के सभी कर्मचारियों की मिलीभगत से नकल की गई थी। इस मामले में गीडा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, आठ मई से 11 मई 2023 तक स्वास्तिक ऑनलाइन सेंटर में परीक्षा आयोजित की गई थी। सेंटर में 798 कंप्यूटर लगे थे, लेकिन 37 लोग ही परीक्षा को पास किए। इसमें से 22 ऐसे लोग हैं, जिन्होंने देश में टॉप किया।
इस मामले में झाझर निवासी चरण सिंह चौधरी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर बताया कि देश में हो रही ऑनलाइन परीक्षा में धांधली हो रही है। इसका संज्ञान लेकर एसएससी मुख्यालय, नई दिल्ली को पत्र भेजा गया। मुख्यालय ने प्रयागराज भर्ती बोर्ड को पत्र भेजकर जवाब मांगा। इसी के बाद यूपी एसटीएफ को जांच सौंपी गई। जांच में सीसीटीवी कैमरे की मदद से पूरी घटना साफ हो गई है। पाया गया है कि 21 अभ्यर्थियों के मॉनिटर को बदला गया है, जबकि को एक सॉल्वर के बगल में ही बैठाया गया।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस
गोरखपुर एसटीएफ प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह की तहरीर पर गीडा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे में कैंट इलाके के मोद्दीपुर निवासी व सेंटर के संचालक राजीव रंजन, कक्ष निरीक्षक रहे गोरखनाथ निवासी जुगेश कुमार गौतम, बेलघाट के कुरीबाजार निवासी व आईटी मैनेजर अवनीश कुमार, बड़हलगंज निवासी संस्था में कंपानडिंग ऑफिसर परमहंस यादव, एमटीएस कंपनी के प्रभारी व पीपीगंज निवासी रामस्वरूप यादव को नामजद किया गया है।
इस मामले में एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि एसटीएफ की ओर से आई जांच रिपोर्ट के आधार पर गीडा थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच व साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी।