‘नो फ्लाइंग जोन है, जी-20 डिनर के लिए कैसे जाएंगे’, सरकार ने बघेल के दावे को किया खारिज

केंद्र सरकार ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह दिल्ली और उसके आसपास हवाई प्रतिबंधों के कारण शनिवार को आयोजित जी20 डिनर में शामिल नहीं हो रहे।

सरकार ने साफ किया कि राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों की आवाजाही प्रतिबंधित नहीं है। इसके अलावा, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के भी हेलिकॉप्टर को अनुमति नहीं दिए जाने के उनके दावे को खारिज कर दिया।

गृह मंत्रालय ने ट्वीट करके बताया कि एक समाचार रिपोर्ट में, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने दिल्ली और उसके आसपास हवाई प्रतिबंधों के कारण 9 सितंबर 2023 को दिल्ली में नेताओं के शिखर सम्मेलन में जी20 रात्रिभोज में भाग लेने में असमर्थता व्यक्त की है। गृह मंत्रालय ने राज्य को स्पष्ट किया है कि 8-11 सितंबर 2023 को दिल्ली में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए एक उच्च तकनीकी सुरक्षा हवाई कवर तैनात किया गया है। राज्यपालों और राज्य के मुख्यमंत्रियों को उनके राज्य के विमानों पर आवाजाही की अनुमति है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को कहा था कि वह राष्ट्रपति के जी20 रात्रिभोज में शामिल नहीं होंगे। इसके पीछे जी-20 के चलते दिल्ली में आने-जाने वाली फ्लाइट्स पर लगे प्रतिबंधों को बताया था। बघेल ने कहा था, ”भाई, अब तो नो फ्लाइंग जोन हो गया है। कैसे जाएंगे।” दिल्ली एयरपोर्ट ने एक नोटिस जारी कर कहा था कि दो दिवसीय जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान, केवल निर्धारित एयरलाइन उड़ानों और विशेष जी20 शिखर सम्मेलन उड़ानों को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर उतरने और उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी।

वहीं, अशोक गहलोत द्वारा किए गए इसी तरह के दावे पर भी सरकार ने सफाई दी है। गृह मंत्रालय ने ट्वीट किया, ”एक समाचार रिपोर्ट में, राजस्थान के मुख्यमंत्री ने गृह मंत्रालय द्वारा उनके हेलिकॉप्टर उड़ान के लिए मंजूरी देने से इनकार करने का दावा किया है। सीकर सहित उड़ान अनुमति के लिए सीएम राजस्थान से चार अनुरोध प्राप्त हुए थे, और सभी को एमएचए द्वारा अनुमोदित किया गया था। सीएम राजस्थान के किसी भी अनुरोध को अस्वीकार नहीं किया गया है। वाणिज्यिक विमानों की सभी निर्धारित उड़ानों और राज्यपालों और राज्य के मुख्यमंत्रियों को अपने राज्य के विमानों पर आवाजाही की अनुमति है। निजी चार्टर्ड उड़ानों को विशिष्ट गृह मंत्रालय के अनुमोदन की जरूरत होती है।

गृह मंत्रालय के ट्वीट पर गहलोत ने क्या कहा?
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने गृह मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान पर कहा है कि कल मेरा उदयपुर से जयपुर प्लेन से एवं जयपुर से सीकर एवं सीकर से निवाई हेलिकॉप्टर से जाने का कार्यक्रम था। इसके लिए हेलिकॉप्टर को एडवांस में उदयपुर से जयपुर पहुंचना था। लेकिन ऐसा बताया कि जी-20 प्रोटोकॉल के तहत हेलिकॉप्टर या प्लेन तभी यात्रा कर सकते हैं, जब सीएम खुद उसमें सवार हों। इसके आगे गहलोत ने कहा, ”हेलिकॉप्टर की उड़ान की अनुमति सुबह 10.48 पर ईमेल कर मांगी गई, लेकिन 2.50 तक कोई अनुमति नहीं मिली। वहां इंतजार कर रही जनता को जानकारी देने के लिए 2.52 पर ट्वीट कर न आ पाने का कारण बताया। इसके बाद, 3.58 बजे अनुमति आई, लेकिन तब तक मैं उदयपुर से जयपुर के लिए प्लेन से निकल चुका था और जयपुर पहुंचकर सड़क मार्ग से निवाई गया। जी-20 के नाम पर मुझे कोई विवाद पैदा नहीं करना था, इसलिए मैंने इसकी कोई निंदा नहीं की और जनता को सिर्फ जानकारी दी।” गहलोत ने आगे कहा कि दुख है कि गृह मंत्रालय ने गलत तथ्यों की जानकारी देकर जनता में भ्रम फैलाने का असफल प्रयास किया है।

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