सबको नुकसान तो कंगना रनौत को कैसे हुआ फायदा? बुलडोजर पर चढ़कर मारी राजनीति में एंट्री

बुलडोजर नीति पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी के बाद राजनीति तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश के मौजूदा सीएम और पूर्व सीएम आमने-सामने आ गए. बीजेपी शासित राज्य के साथ-साथ भारत शासित राज्य में भी बुलडोजर खूब गरजा. बुलडोजर ने जहां कई लोगों के घर तोड़कर उन्हें बर्बाद कर दिया, वहीं बुलडोजर की कार्रवाई से बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत को फायदा हुआ. आइए जानते हैं कि कंगना रनौत बुलडोजर पर सवार होकर कैसे राजनीति में आईं? पहले देश में अवैध निर्माणों को बुलडोजर से गिराया जाता था, लेकिन उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद बुलडोजर सुर्खियों में आ गया है. इसके बाद यूपी में अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई. बाबा के बुलडोजर मॉडल को कई राज्यों ने अपनाया. तत्कालीन उद्धव सरकार ने 2020 में बीजेपी शासित राज्य महाराष्ट्र के साथ-साथ कंगना रनौत के खिलाफ भी बुलडोजर की कार्रवाई की थी.

बीएमसी ने साल 2020 में कंगना का घर-ऑफिस तोड़ दिया था

सितंबर 2020 में तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार के आदेश पर बीएमसी ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के घर और ऑफिस के कुछ हिस्सों को अवैध निर्माण घोषित करते हुए बुलडोजर चला दिया था। उनका घर और ऑफिस मुंबई के बांद्रा में स्थित है। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट से स्टे मिलने के बाद बीएमसी को बुलडोजर की कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी। इसके बाद भी कंगना रनौत ने हार नहीं मानी और उन्होंने उद्धव सरकार के खिलाफ बोलकर खूब मजाक उड़ाया.

केंद्र सरकार ने वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी है

बुलडोजर एक्शन के बाद कंगना रनौत सुखियां में आईं और उन्हें खूब शोहरत मिली। इसके बाद मुंबई की तुलना पीओके से करने वाली और मुंबई पुलिस से डरने वाली कंगना रनौत को देश के गृह मंत्रालय ने वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा दे दी, जिसमें प्रति शिफ्ट में 10 सीआरपीएफ कमांडो तैनात रहते हैं. उस वक्त हिमाचल प्रदेश में बीजेपी की सरकार थी और पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कंगना के पैतृक घर पर सुरक्षा मुहैया कराई थी.

वह मंडी से चुनाव जीतकर सांसद बनीं

एक तरह से इसी समय कंगना रनौत की राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कंगना रनौत को हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से टिकट दिया. फिर एक्ट्रेस ने लोकसभा चुनाव जीता और सांसद बनीं. घर की बंदिशों से निकलकर बॉलीवुड में नाम कमाने और फिर सांसद बनने तक का कंगना रनौत का सफर बेहद मुश्किल रहा है।

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