किले में तब्दील दिल्ली; कमांडो दस्ते, ड्रोन सिस्टम और AI कैमरों से चप्पे-चप्पे पर होगी नजर

स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। आलम यह कि राष्ट्रीय राजधानी में जमीन से आसमान तक सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। एक तरफ जहां समारोह तक नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया।

वहीं, दूसरी तरफ बुधवार देर रात से ही राजधानी की सीमाएं सील कर दी गई हैं। एक भी व्यावसायिक वाहन को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। इस रिपोर्ट में जानें स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में कैसी होगी सुरक्षा…

सीमाएं सील

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार रात 11.30 बजे के बाद हरियाणा-दिल्ली और उत्तर प्रदेश-दिल्ली से राष्ट्रीय राजधानी की सभी सीमाएं वाणिज्यिक भारी वाहनों की आवाजाही के लिए सील कर दी जाएंगी। यह प्रतिबंध गुरुवार आधी रात तक लागू रहेगा। यही नहीं राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने वाले अन्य वाहनों की सघन जांच की जाएगी।

13,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात

दिल्ली पुलिस ने 10,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और 3,000 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। लाल किले से जोड़ने वाली सड़कों पर 3,000 से अधिक यातायात पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। लाल किले में सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती पहले ही कर दी गई है।

एआई कैमरों से नजर

इसके साथ ही मध्य और नई दिल्ली में 700 एआई-आधारित चेहरे की पहचान करने वाले कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) देवेश कुमार महला ने कहा- हमने स्वतंत्रता दिवस के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 700 एआई-आधारित चेहरे की पहचान करने वाले सीसीटीवी कैमरे खरीदे हैं। इन कैमरों में हाई रिजॉल्यूशन पैन-टिल्ट-जूम की सुविधा है जिससे दूर से ही संदिग्ध की पहचान की जा सकती है।

भीड़ भरी जगहों पर सुरक्षा कड़ी

पुलिस उपायुक्त ने कहा- लाल किले में कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आने वाले लोगों की पहचान सत्यापित करने के लिए एक स्मार्टफोन-आधारित एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा। हमने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए हैं। आईजीआई एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मॉल, मेट्रो स्टेशन और बाजारों सहित विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।

फ्लाइंग ऑब्जेक्ट पर प्रतिबंध

15 अगस्त तक लालकिले के आसपास फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट पर नोटम जारी कर दिया गया है। इसके मुताबिक, 15 अगस्त सुबह 6 से 10 बजे तक और शाम 4 से 7 बजे तक गैर निर्धारित उड़ानों को न ही उतरने की और न ही उड़ान भरने की इजाजत दी जाएगी। इस दौरान पतंगों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

एंटी डिफेंस गन-ड्रोन सिस्टम की तैनाती

लालकिले के आसपास के इलाके में ऊंची इमारतों पर भी एंटी डिफेंस गन से लैस कमांडो दस्ता का पहरा रहेगा। ड्रोन, बैलून, पैरा ग्लाइडर और अन्य तरीके से हमला न हो, इसके लिए लालकिला, आईएसबीटी, गीता कॉलोनी फ्लाईओवर से लेकर आसपास करीब 300 से अधिक ऊंची इमारतों पर एंट्री एयरक्राफ्ट और एयर डिफेंस गन लगाए गए हैं। इन हथियारों के जरिए हवाई हमले से मिनटों में निपटा जा सकेगा।

हेलीकॉप्टरों पर कमांडो दस्ते

एक ओर आसमानी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर के जरिए अत्याधुनिक हथियारों से लैस कमांडो दस्ता निगरानी रखेगा। वहीं, रणनीतिक जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

एंटी ड्रोन सिस्टम भी तैनात

यही नहीं रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआडीओ) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) सहित एंटी ड्रोन सिस्टम लगाए गए हैं। लालकिले के आसपास रूफटॉप दस्ते की तैनाती की गई है, जबकि कई जगहों पर मचान बनाकर भी हथियार से लैस जवानों को लगाया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *