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श्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार शाम को इंडिया गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में भी अपराध की घटनाएं सामने आती रही हैं।इसके अलावा, ममता बनर्जी ने अपनी कट्टर प्रतिद्वंद्वी सीपीआई (मार्क्सवादी) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब वामपंथी पार्टी सत्ता में थी, तब बंगाल में “जघन्य अपराध” किए गए थे और कांग्रेस शासित राज्यों से भी “कई घटनाएं” सामने आईं।बंगाल सीएम ने कहा, “मैं कांग्रेस से पूछना चाहती हूं… आपके राज्यों में कितनी घटनाएं हुई हैं… आप क्या कार्रवाई करते हैं? और सीपीआईएम के शासन में जघन्य अपराधों की भरमार थी (और) तत्कालीन सरकार चुप थी। चूंकि तब सोशल मीडिया नहीं था… लोग इतने जागरूक नहीं थे।” पिछले सप्ताह दिवंगत हुए वामपंथी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य का जिक्र करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 2000 से 2011 तक उनके सत्ता में रहने के दौरान “कई जघन्य अपराध हुए”।

ममता बनर्जी का बयान ऐसे समय में आया है जब खुद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोलकाता में महिला ट्रेनी डॉक्टर से दरिंदगी का मुद्दा उठाते हुए राज्य प्रशासन पर निशाना साधा। कोलकाता में प्रशिक्षु चिकित्सक से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मुद्दे पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि महिला डॉक्टर को न्याय दिलाने के बजाय आरोपी को बचाने का प्रयास अस्पताल और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके राहुल ने कहा कि कोलकाता में जूनियर डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की जघन्य घटना से पूरा देश स्तब्ध है। उन्होंने कहा कि उसके साथ हुए क्रूर और अमानवीय कृत्य के खुलासे से डॉक्टर समुदाय और महिलाओं में असुरक्षा का माहौल है। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”कोलकाता में जूनियर डॉक्टर के साथ हुई दुष्कर्म एवं हत्या की वीभत्स घटना से पूरा देश स्तब्ध है। उसके साथ हुए क्रूर और अमानवीय कृत्य की परत दर परत जिस तरह खुल कर सामने आ रही है, उससे चिकित्सक बिरादरी और महिलाओं के बीच असुरक्षा का माहौल है।”

उन्होंने कहा, ”पीड़िता को न्याय दिलाने की जगह आरोपियों को बचाने की कोशिश अस्पताल और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।” गांधी ने कहा, ”इस घटना ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अगर मेडिकल कॉलेज जैसी जगह पर डॉक्टर्स सुरक्षित नहीं हैं तो किस भरोसे अभिभावक अपनी बेटियों को पढ़ने बाहर भेजें। निर्भया कांड के बाद बने कठोर कानून भी ऐसे अपराधों को रोक पाने में असफल क्यों हैं।”

उन्होंने कहा कि हाथरस से उन्नाव और कठुआ से लेकर कोलकाता तक महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ती घटनाओं पर हर दल, हर वर्ग को मिलकर गंभीर विचार-विमर्श कर ठोस उपाय करने होंगे। गांधी ने कहा, ”मैं इस असहनीय कष्ट में पीड़िता के परिवार के साथ खड़ा हूं। उन्हें हर हाल में न्याय मिले और दोषियों को ऐसी सजा मिले जो समाज में एक नजीर की तरह प्रस्तुत की जाए।”

इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर की कथित बलात्कार के बाद हत्या के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश का बुधवार को स्वागत किया। बनर्जी ने विपक्षी माकपा और भाजपा पर इस घटना का राजनीतिकरण करने और बांग्लादेश में छात्र आंदोलन की तरह राज्य में विरोध प्रदर्शन को भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से काम का बहिष्कार त्यागने की अपील करते हुए कहा कि वे काम पर लौट आएं, क्योंकि स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा, “हम कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करेंगे और सीबीआई को पूरा सहयोग देंगे। हमें सीबीआई (केंद्र अन्वेषण ब्यूरो) को मामला सौंपे जाने से कोई समस्या नहीं है, क्योंकि हम चाहते हैं कि यह मामला जल्द से जल्द सुलझ जाए।”

उच्च न्यायालय ने डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या मामले को मंगलवार को कोलकाता पुलिस से सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पार्टी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हमने इस मामले में हर संभव कार्रवाई की है, लेकिन फिर भी दुर्भावनापूर्ण अभियान चल रहा है।” उन्होंने कहा, “आप मुझे जितना चाहें उतना गाली दें, लेकिन कृपया राज्य को गाली न दें।”

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