सपा सांसद की जब्त जमीन की बिक्री मामले में कई लोगों पर लटकी तलवार, जांच में जुटी ED

पूर्व मंत्री और सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा की संपत्ति के तौर पर जब्त की गई जमीन का कुछ हिस्सा बेचे जाने और एक बड़े हिस्से पर अवैध कब्जा किए जाने के मामले में कई लोग प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रडार पर हैं।पूरी जमीन को दोबारा अपना कब्जे में ले लेने के बाद ईडी की टीमें कब्जेदारों और खरीद-बिक्री करने वालों के बारे में पता लगाने में जुटी हैं।लखनऊ में कानपुर रोड पर स्कूटर इंडिया के सामने स्थित लगभग 40 बीघे जमीन पर ईडी ने फिर ने अपने कब्जे का बोर्ड लगा दिया है। यह जमीन 2014 में जब्त की गई थी। मौके पर नया बोर्ड इस जमीन की खरीद-बिक्री करने वालों को सावधान करने के लिए भी लगवाया गया है, ताकि वे किसी भी कभी तरह की धोखाधड़ी से बच सकें। ईडी को यह जानकारी मिली थी कि जमीन के एक बड़े हिस्से पर खेती की जा रही है तो लगभग पांच बीघे जमीन पर अवैध तरीके से प्लाटिंग की जा रही है। इस जमीन की कुल कीमत 80 करोड़ से ज्यादा है।

सूत्रों के अनुसार ईडी ने सरोजनीनगर तहसील के उप निबंधक कार्यालय से भी जानकारी मांगी है कि यह जमीन किसके द्वारा और किसको बेची गई है? साथ ही तहसील में उसका खारिज-दाखिल भी रुकवाया जाएगा। वैसे ईडी को आशंका है कि बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी ही जमीनों की खरीद-बिक्री में शामिल हो सकते हैं। यदि इसमें बाबू सिंह कुशवाहा की कोई भूमिका सामने आई तो उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति मामले में भी ईडी पहले से जांच कर रही है। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत लगभग 100 करोड़ की संपत्तियां पहले ही जब्त हो चुकी हैं।

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