वह चाहते हैं हिंदू-मुसलमान लड़ते रहें, लव जिहाद बिल पर अखिलेश ने पूछा- छुआछूत पर भी कानून लाएंगे?

यूपी में धर्मांतरण यानी लव जिहाद कानून को और सख्त कर करने के लिए मंगलवार को विधानसभा में विधेयक को पास कर दिया गया है। अब लव जिहाद या जबरिया धर्मांतरण पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान कर दिया गया है।

इसे लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संसद के बाहर इस बारे में सवाल पूछने पर अखिलेश ने कहा कि वे बस यही चाहते हैं कि हिंदू और मुसलमान आपस में लड़ें और लोग इसी तरह की बहस में व्यस्त हैं। अखिलेश ने कहा कि यह कानून छुआछूत करने जैसा है। यह भी पूछ लिया कि क्या वे छुआछूत पर भी कानून लाएंगे। कहा कि सांप्रदायिक राजनीति के जरिए लोगों का ध्यान भटकाने की यह कोशिश हो रही है।

अखिलेश ने कावड़ यात्रा मार्ग पर ढाबा व भोजनालय मालिकों के नाम प्रदर्शित करने को लेकर उपजे विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि वे बस यही चाहते हैं कि हिंदू और मुसलमान आपस में लड़ें और लोग इसी तरह की बहस में व्यस्त रहें। अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए और कहा कि सरकार रोजी-रोटी के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

कहा कि प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से लोकसभा सदस्य हैं, लेकिन इस समय राज्य की स्थिति बेहद खराब है। किसान घर की जगह खेतों में रातें गुजार रहे हैं। आवारा पशुओं ने कई किसानों की जान ले ली है। लोग प्रश्नपत्र लीक, महंगाई, बेरोजगारी जैसी समस्याएं झेल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर में आग लग जाती है तो उन्हें बदला नहीं जा रहा, किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। इन सबसे ध्यान भटकाने के लिए ‘लव जिहाद’, धर्मांतरण की बात कर रहे हैं, ताकि उनकी विफलताओं पर चर्चा न हो, यही उनका मकसद है। प्रसाद ने कहा कि इस देश में धर्म आधारित राजनीति काम नहीं करेगी, मुझे चुनकर लोगों ने यह संदेश दिया है कि सांप्रदायिक राजनीति काम नहीं करेगी।

वहीं, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सांसद चंद्रशेखर ने भी उप्र सरकार पर लोगों का ध्यान मुख्य मुद्दों से भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही है। वे भोजन और आवास… अच्छा स्वास्थ्य, अच्छी शिक्षा प्रदान करने में असमर्थ हैं, लेकिन वे इस तरह के मुद्दों पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं क्योंकि यह पूरी तरह से उनके अनुरूप है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए रोजगार और महंगाई का मुद्दा है। इसलिए हम इस पर काम कर रहे हैं।

यूपी सरकार ने चार साल पहले बनाए गए धर्म संपरिवर्तन कानून में संशोधन करते हुए विधेयक को सोमवार को विधानसभा में पेश किया था। इसे मंगलवार को पारित कर दिया गया। इसके नए प्रावधानों के तहत अगर कोई व्यक्ति धर्मांतरण कराने के इरादे से किसी को धमकी देता है, हमला करता है, विवाह करता या करने का वादा करता है या इसके लिए साजिश रचता है और महिला, नाबालिग या किसी की तस्करी करता है तो उसके अपराध को सर्वाधिक गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे अपराधों में अब उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान कर दिया गया है।

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