
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP के अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी ने आज (बुधवार को) दिल्ली के जंतर मंतर पर अपनी ही राज्य की नव निर्वाचित सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन दिया। रेड्डी ने तेलगु देशम पार्टी (TDP) की चंद्रबाबू नायडू सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है और कहा है कि राज्य में अपराध और बर्बरता की कहानी शुरू हो गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश में लोकतंत्र खत्म हो चुका है।राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए रेड्डी ने कहा कि राज्य में कि न्याय देने से इनकार किया जा रहा है, इसलिए वहां लोकतंत्र लंगड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। रेड्डी ने कहा, “चंद्रबाबू नायडू सरकार के सत्ता में आने के 45 दिनों के भीतर, राज्य में 30 से अधिक लोगों की हत्या हो चुकी है और लगातार हमले हो रहे हैं।” उन्होंने कहा कि राज्य में कई संपत्तियों में तोड़फोड़ की गई है।इस दौरान विपक्षी इंडिया गठबंधन के कई नेताओं को जगनमोहन रेड्डी के धरना स्थल पर उनका साथ देते हुए देखा गया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव बहुत देर तक जगनमोहन रेड्डी से बात करते रहे। उनके अलावा उनके चाचा और पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव भी थे। अखिलेश के अलावा इंडिया अलायंस के अन्य साथी दल के नेता भी रेड्डी का समर्थन करने जंतर मंतर पहुंचे थे। इनमें शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत, प्रियंका चतुर्वेदी और अरविंद सामंत भी शामिल थे।इनके अलावा ममता बनर्जी के पार्टी टीएमसी के नजीबुल हक, झारखंड की सत्ताधारी जेएमएम के विजय हांसदा, आम आदमी पार्टी के राजेंद्र पा गौतम और तमिलनाडु की AIADMK के थंबी दुरई भी जगनमोहन रेड्डी का साथ देने जंतर मंतर पहुंचे थे। इस दौरान धरना स्थल पर अखिलेश यादव को बहुत देर तक हंस-हंसकर जगनमोहन रेड्डी से बात करते देखा गया। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान तमिलनाडु की VCK पार्टी ने जगनमोहन रेड्डी से इंडिया अलायंस में शामिल होने की अपील की। ये नेता ऐसे वक्त पर रेड्डी का साथ देने पहुंचे थे, जब संसद से सड़क तक विपक्षी गठबंधन के नेता बजट पर सरकार का विरोध कर रहे हैं।
बता दें कि जगनमोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता रहे वाईएसआर रेड्डी के बेटे हैं। पांच साल तक ये आंध्र प्रदेश की सरकार के मुखिया रहे हैं। पिता के निधन के बाद इन्होंने YSR कांग्रेस पार्टी की स्थापना की थी। फिलहाल लोकसभा में इनकी पार्टी के 4 सांसद हैं, जबकि राज्यसभा में 11 यानी संसद में कुल 15 सांसद हैं। वहीं टीडीपी के लोकसभा में 16 सांसद हैं।